
जबलपुर,यश भारत। पं. लज्जाशंकर झा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिसे मॉडल हाई स्कूल के नाम से जाना जाता है, वर्ष 1904 से शिक्षा और संस्कार की गौरवशाली परंपरा निभा रहा है। 122 वर्षों की यात्रा में विद्यालय ने न्यायपालिका, राजनीति, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश का नेतृत्व करने वाले विद्यार्थी दिए हैं। पूर्व एयर मार्शल विभास पांडेय, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जबलपुर सांसद आशीष दुबे सहित अनेक प्रतिष्ठित नाम विद्यालय की उपलब्धियों से जुड़े हैं। मॉडल हाई स्कूल से निकले विद्यार्थी आज देश और दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं
25 साल बाद लौटे 2001 बैच के विद्यार्थी
रविवार, 6 सितंबर को आयोजित 55वें गुरुवंदन समारोह में विद्यालय की विरासत फिर जीवंत हुई। वर्ष 2001 बैच के विद्यार्थी 25 वर्ष बाद अपनी पुरानी शाला लौटे, जबकि वर्ष 1976 बैच के पूर्व विद्यार्थी विद्यालय से जुड़े 50 वर्ष पूरे होने पर एकत्रित हुए। विद्यालय पहुंचते ही पद और उम्र की पहचान पीछे छूट गई। सभी पुराने सहपाठियों, कक्षाओं, गलियारों और प्रांगण की स्मृतियों में लौट गए। देश-विदेश में कार्यरत मॉडलियन इस पुनर्मिलन में शामिल हुए। असम रेंज के डीआईजी अंकुर जैन, कर्नल निशांत शुक्ला, केमैन आइलैंड से आए डायमंड व्यवसायी नरेश कुंदनानी, टीएसआईडीएसआई टीम लीडर सौरभ खरे और उद्योगपति शिवेंद्र दुबे सहित अनेक पूर्व विद्यार्थियों की मौजूदगी ने समारोह को विशेष बना दिया।
55 वर्षों से जारी है गुरुवंदन की परंपरा, एयर मार्शल विभास पांडेय रहे मुख्य अतिथि
मॉडल हाई स्कूल में वर्ष 1970 से जारी गुरुवंदन की परंपरा आज भी पूरी गरिमा के साथ कायम है। इस वर्ष ,वर्ष 1979 बैच के पूर्व छात्र और भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल विभास पांडेय मुख्य अतिथि रहे। लगभग चार दशक की सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने भारतीय वायुसेना की मेंटेनेंस कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण, विमानों के रखरखाव और आधुनिकीकरण में योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। अपने विद्यालय लौटकर एयर मार्शल विभास पांडेय ने गुरुजनों को नमन किया। समारोह में गुरुजनों का सम्मान किया गया और पूर्व विद्यार्थियों ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुजनों ने आशीर्वचन देते हुए विद्यालय से जुड़ी स्मृतियां साझा कीं। समारोह का संदेश रहा कि गुरु की डांट में स्नेह, अनुशासन में भविष्य और सीख में जीवन की दिशा छिपी होती है। विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और संस्कारों की पाठशाला है।
मॉडलियन के लिए विद्यालय पहचान और संस्कार का प्रतीक
गुरुवंदन समारोह ने साबित किया कि मॉडल हाई स्कूल के विद्यार्थियों की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल उनके पद और प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि उनसे जुड़े संस्कार हैं। मॉडलियन अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय और गुरुजनों को देते हैं। मॉडलियन 2001 के लिए यह आयोजन विशेष रहा। बैच ने विद्यालय से जुड़े 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती मनाई। देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में रहने वाले पूर्व विद्यार्थी इस अवसर पर जबलपुर पहुंचे।
आयोजन को सफल बनाने में विवेक त्रिपाठी, हिमांशु मिश्रा, पियूष जैन, सुजीत पांडेय, सौरभ शर्मा, संदीप श्रोती, अभिषेक अग्रवाल, आदर्श पांडे, प्रफुल्ल चौबे, संजीव शर्मा, मयंक शिंदे और वरुण सोनकिया सहित अनेक पूर्व विद्यार्थियों ने योगदान दिया। समापन अवसर पर आयोजन समिति की ओर से धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर गुरुजनों, वरिष्ठ मॉडलियन्स, अतिथियों, सहपाठियों और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

1904 से शुरू हुई विद्यालय की यात्रा और 1970 से जारी गुरुवंदन की परंपरा आज भी यही संदेश देती है मॉडल से विद्यार्थी देश-दुनिया में कहीं भी पहुंच जाए, गुरु के सामने उसकी पहचान हमेशा एक ही रहती है, मैं मॉडलियन हूं।







