बाबाझिरी में मूसलाधार बारिश से उफनाया नाला, टीले पर फंसे 7 दोस्तों को पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित निकाला

बाबाझिरी में मूसलाधार बारिश से उफनाया नाला, टीले पर फंसे 7 दोस्तों को पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित निकाला
भोपाल,यशभारत। राजधानी के पिकनिक स्पॉट्स पर मानसूनी पिकनिक का रोमांच रविवार को 7 युवकों के लिए काल बनकर मंडराने लगा, जब कजली खेड़ा थाना क्षेत्र के फाटापान बाबाझिरी में अचानक पहाड़ों से आए सैलाब ने उनका रास्ता रोक दिया। मूसलाधार बारिश के बाद पिकनिक स्पॉट के चारों ओर जलस्तर तेजी से बढ़ गया और सातों युवक जलप्रलय के बीच एक छोटे से टीले पर जिंदगी और मौत के बीच फंस गए। करीब चार घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता से सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
मोबाइल नेटवर्क और तत्परता ने बचाई जान
पुराने भोपाल के रहने वाले सातों दोस्त दोपहर करीब 3 बजे मौसम का आनंद लेने बाबाझिरी पहुंचे थे। लेकिन देखते ही देखते पहाड़ों से उतरे तेज पानी के बहाव ने पूरे इलाके को अपनी ज़द में ले लिया। जब चारों ओर पानी का चक्रव्यूह बन गया, तो युवकों ने घबराने के बजाय समझदारी दिखाई और तुरंत मोबाइल के जरिए अपने परिजनों को अपनी लोकेशन और खतरे की सूचना दी। परिजनों ने बिना वक्त गंवाए 112 पर पुलिस को अलर्ट किया।
ग्रामीणों के साथ मिलकर तलाशे 3 गुप्त रास्ते
शाम 7 बजे सूचना मिलते ही एसीपी आलोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में कजली खेड़ा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पानी का बहाव इतना रौद्र था कि किनारे खड़े होना भी जोखिम भरा था। पुलिस ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए ग्रामीणों को सीधे पानी में उतरने से रोका और एसडीआरएफ की विशेष टीम को कॉल किया। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों के अनुभव का सहारा लेते हुए टीले तक पहुंचने के लिए 3 वैकल्पिक और सुरक्षित रास्तों की पहचान की गई।
सांसें थाम देने वाला रेस्क्यू
एसडीआरएफ और पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अंधेरे और उफनते पानी के बीच जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एक-एक कर सातों युवकों को सुरक्षित किनारे पर लाया गया। सुरक्षित बाहर निकलते ही युवकों और उनके परिजनों की आंखों में राहत के आंसू छलक पड़े। चिकित्सीय जांच के बाद सभी युवकों को पूरी तरह स्वस्थ पाया गया है।
घटना के बाद भोपाल पुलिस प्रशासन ने सख्त एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में उफनते नदी-नालों, झरनों और पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचें। मौसम विभाग के अलर्ट और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है।







