उच्च न्यायालय के फैसले से छात्रसंघ चुनाव की राह साफ अकादमिक कैलेंडर के अनुसार जल्द चुनाव कराने की मांग, अभाविप ने किया निर्णय का स्वागत

उच्च न्यायालय के फैसले से छात्रसंघ चुनाव की राह साफ
अकादमिक कैलेंडर के अनुसार जल्द चुनाव कराने की मांग, अभाविप ने किया निर्णय का स्वागत
भोपाल, यश भारत। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने छात्रसंघ चुनावों को लेकर दायर जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। परिषद ने प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा विभाग से न्यायालय की भावना के अनुरूप शीघ्र छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर समयबद्ध कार्यक्रम घोषित करने की मांग की है। अभाविप के मध्य भारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल प्रतिनिधियों के चयन का माध्यम नहीं बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता लोकतांत्रिक मूल्यों उत्तरदायित्व और सामाजिक सरोकार विकसित करने का सशक्त मंच हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में उच्च न्यायालय का निर्णय छात्रों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को नई दिशा देगा। परिषद का कहना है कि पारदर्शी निष्पक्ष और लोकतांत्रिक वातावरण में छात्रसंघ चुनाव होने से महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की रचनात्मक भागीदारी बढ़ेगी तथा शैक्षणिक वातावरण को नई ऊर्जा मिलेगी। अभाविप ने मांग की कि लिंगदोह समिति की अनुशंसाओं और अकादमिक कैलेंडर के अनुरूप जल्द छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं ताकि प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधियों के चुनाव का लोकतांत्रिक अधिकार मिल सके और उच्च शिक्षा परिसरों में छात्र नेतृत्व को मजबूती प्राप्त हो।







