भोपालमध्य प्रदेश

दतिया का जनादेश: चेहरा बदलते ही बदला समीकरण, भाजपा के असंतोष की फसल कांग्रेस ने काटी

दतिया का जनादेश: चेहरा बदलते ही बदला समीकरण, भाजपा के असंतोष की फसल कांग्रेस ने काटी

पूर्व गृहमंत्री का टिकट काटना पड़ा भारी; जीतू पटवारी के माइक्रो मैनेजमेंट और घनश्याम सिंह की छवि से चमकी कांग्रेस

भोपाल, यशभारत। दतिया विधानसभा उपचुनाव का परिणाम सिर्फ एक चुनावी आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने प्रदेश की राजनीति को नए समीकरणों से रूबरू कराया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया में कांग्रेस की जीत केवल सत्ता विरोधी लहर का नतीजा नहीं है, बल्कि भाजपा के भीतर उपजा गहरा असंतोष और स्थानीय समीकरण इसके मुख्य कारण रहे।

भाजपा द्वारा पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाना संगठन के लिए आत्मघाती साबित हुआ। आशुतोष तिवारी दतिया के लिए नया चेहरा थे, जो कम समय में सभी वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत नहीं बना पाए। इसके अलावा, टिकट परिवर्तन के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी, इस्तीफे और अंदरूनी खींचतान ने भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई। शहरी क्षेत्रों में हुआ कम मतदान भी इस असंतोष की ओर इशारा करता है।

दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की स्थानीय स्तर पर मजबूत पहचान, दतिया राजघराने से उनका जुड़ाव और ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ पार्टी के काम आई। कांग्रेस ने प्रदेश नेतृत्व के साथ मिलकर एकजुटता से चुनाव लड़ा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के लगातार बूथ स्तर के संपर्कों और युवाओं को साधने की रणनीति ने कांग्रेस की जीत की राह आसान कर दी।

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