जबलपुरमध्य प्रदेश

रहवासी इलाकों में कोचिंग से गोदाम तक कारोबार, जबलपुर में कार्रवाई का इंतजार

पॉश कॉलोनियों में भी धड़ल्ले से चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियां, निगम के सर्वे में कई स्थान

जबलपुर, यश भारत। शहर के रहवासी और पॉश इलाकों में मकानों की अनुमति लेकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों पर अब नगर निगम की नजर है। भोपाल में रहवासी क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद जबलपुर में भी कोचिंग सेंटर, गोदाम, कार वॉशिंग यूनिट, गैरेज और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की तैयारी शुरू हो गई है। निगम के पास ऐसे स्थानों का सर्वे भी मौजूद है, जिसके आधार पर अब नोटिस और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

निगम आयुक्त ने अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में रहवासी भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाए। शहर के कई इलाकों में भवनों की अनुमति आवासीय उपयोग के लिए ली गई है, लेकिन बाद में इन्हीं भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी गईं। पॉश और रहवासी कॉलोनियों में संचालित इन गतिविधियों से स्थानीय लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने से ट्रैफिक की समस्या बन रही है, वहीं कार गैरेज और वॉशिंग यूनिट से धुआं और अन्य परेशानियां भी सामने आ रही हैं। रहवासी क्षेत्रों में संचालित गोदामों और अवैध भंडारण को लेकर भी निगम जांच करेगा। ऐसे स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था भी बड़ा सवाल बन गई है।

निगम सबसे पहले संबंधित भवनों का लैंड यूज जांचेगा। यदि भवन आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत है तो उसमें व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने के आधार और अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे जाएंगे। वहीं व्यावसायिक उपयोग वाले भवनों में फायर सेफ्टी, सुरक्षा मानक, लिफ्ट अनुमति और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। नियमों का पालन नहीं करने वाले भवनों और प्रतिष्ठानों को नोटिस एवं कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। कार्रवाई के दायरे में आने वाले स्थानों की सूची तैयार की जा रही है। पूरे अभियान की जिम्मेदारी राजस्व निरीक्षकों, टैक्स कलेक्टरों और जोनल अधिकारियों को सौंपी गई है।

राम प्रकाश अहिरवार, आयुक्त, नगर निगम

हमारे पास सर्वे है। कुछ कोचिंग सेंटर पहले भी बंद किए गए थे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रहवासी क्षेत्रों में संचालित गोदाम, कार वॉशिंग यूनिट, कार गैरेज, कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की जांच की जाए। भवनों के लैंड यूज, फायर सेफ्टी, सुरक्षा मानकों और आवश्यक अनुमतियों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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