हनुमानताल में दिखा समरसता का रंग, कजलियां महोत्सव में दिखी सांस्कृतिक विविधता
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में रहा खासा उत्साह

जबलपुर,यशभारत। समरसता सेवा संगठन के संयोजन में शनिवार को हनुमानताल सरोवर में संस्कारधानी समरसता कजलियां महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। पूज्य साधु-संतों की मौजूदगी में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। समरसता कजलियां महोत्सव के मंच पर संस्कारधानी के पूज्य संत गण विराजमान रहे इसके साथ ही लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह,महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू सहित जनप्रतिनिधि शामिल हुए। महोत्सव में शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता एक मंच पर नजर आई। पर्व की परंपरा के अनुसार लोगों ने एक-दूसरे को कजलियां भेंट कर शुभकामनाएं दीं। छोटों ने बड़ों से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान निबंध और वेशभूषा प्रतियोगिता के साथ महिलाओं के लिए थाली सजाओ और राखी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
महोत्सव में विभिन्न समाजों की ओर से लगाए गए स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। यहां पारंपरिक व्यंजनों और खान-पान के जायकों का आगंतुकों ने आनंद लिया। आयोजन स्थल पर मेले जैसा माहौल रहा और पुरानी परंपराओं के अनुरूप मनोरंजन के विभिन्न साधन भी उपलब्ध कराए गए।
सांस्कृतिक संध्या में बुंदेलखंड के कलाकार देवी अग्रवाल और श्याम बैरागी सहित स्थानीय कलाकारों ने भजन, लोकगीत और पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर तक झूमते नजर आए। इस वर्ष कजलियां महोत्सव को विशेष रूप से मेले का स्वरूप दिए जाने से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह दिखाई दिया।
संगठन अध्यक्ष पवन पांडे ने बताया कि समरसता सेवा संगठन की आधार शिला संस्थापक संदीप जैन ने जिस उद्देश्य के तहत रखी थी, उन उद्देश्यों को सभी का आशीर्वाद मिल रहा है, और चार वर्षों में समरसता सेवा संगठन जन-जन का संगठन और हर जुबां की आवाज़ बन गया है। आयोजन को सफल बनाने में समरसता सेवा संगठन के संस्थापक संदीप जैन ,अध्यक्ष पवन पांडे, सचिव मनोज सेठ पं रोहित दुबे, महाकौशल चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष रवि गुप्ता, अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल बब्बा, सुरेश सराफ, पूर्व सचिव उज्जवल पचौरी ने विशेष भूमिका निभाई।







