पर्व पर दर्दनाक हादसा: दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, 2 की मौत, 2 गंभीर

यशभारत डिंडोरी /करंजिया।रक्षाबंधन के पर्व पर करंजिया मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर अमलडीहा के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने हुई जोरदार भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंजिया लाया गया, जहां आपात स्थिति में डॉक्टरों के मौजूद नहीं रहने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
तेज रफ्तार बाइकों की सीधी भिड़ंत
जानकारी के अनुसार रामनगर निवासी रामू सिंह धुर्वे और गुलड़िया बाई धुर्वे एक मोटरसाइकिल से अमलडीहा की ओर जा रहे थे। वहीं दूसरी बाइक पर रूसा निवासी कमलेश सिंह और बिजौली निवासी दीप सिंह पंद्राम करंजिया की ओर आ रहे थे। शुक्रवार रात करीब 8 बजे अमलडीहा के पास दोनों मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।
हादसा इतना भीषण था कि रामू सिंह धुर्वे और दीप सिंह पंद्राम की मौत हो गई, जबकि कमलेश सिंह और गुलड़िया बाई गंभीर रूप से घायल हो गए।
डॉक्टर की गैरमौजूदगी पर ग्रामीणों में आक्रोश
हादसे के बाद घायलों और मृतकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंजिया पहुंचाया गया। आरोप है कि इस दौरान अस्पताल में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था और स्वास्थ्य केंद्र की आपात व्यवस्था एक नर्स के भरोसे थी। गंभीर घायलों को तत्काल उपचार की आवश्यकता होने के बावजूद डॉक्टर के नहीं मिलने से परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हादसे जैसी आपात स्थिति में यदि अस्पताल में डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं होंगे तो गंभीर मरीजों का उपचार कैसे होगा।
चक्काजाम की चेतावनी
अस्पताल में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध जताया। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त नहीं किया गया और ड्यूटी से नदारद रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया जाएगा।
जिला अस्पताल डिंडौरी रेफर
घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल डिंडौरी रेफर किया गया। हादसे में दो युवकों की मौत और दो लोगों के गंभीर घायल होने से रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं। वहीं हादसे के बाद सामने आई स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्था ने भी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







