युवा मोर्चा को ग्रामीण में मिला ब्राह्मण चेहरा तो शहर में बदले समीकरण

जबलपुर यश भारत। इन दिनों शहर की राजनीति में खास तौर पर भाजपा में अंदरखाने सबसे ज्यादा जोर आजमाइश युवा मोर्चा अध्यक्ष को लेकर चल रही है। ग्रामीण युवा मोर्चा अध्यक्ष पद पर पंकज तिवारी के अध्यक्ष बनने के बाद शहर के समीकरण बदल गए हैं। खास तौर पर जातिगत समीकरणों की बात की जाए तो जो दो नाम इस दौड़ में आगे चल रहे थे, वे अब ब्राह्मण कोटे से ग्रामीण अध्यक्ष आ जाने के बाद कहीं न कहीं पिछड़ते नजर आ रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से ईशान नायक और रविंद्र तिवारी का नाम है, जिनका नाम अध्यक्ष पद को लेकर मजबूती से चल रहा था। वहीं, दूसरे नाम भी अपने-अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जिस तरह से दूसरे जिलों में घोषणाएं हो रही हैं, उसके चलते अब कुछ स्थितियां स्पष्ट होती जा रही हैं, वहीं कुछ नाम रेस से बाहर भी होते जा रहे हैं।
दावेदार लगा रहे जोर
अध्यक्ष पद को लेकर बड़े नेता भी अपने-अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। युवा मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि और संगठन में काम करने वाले बड़े चेहरे भी अपने करीबियों के लिए भोपाल में जोर लगा रहे हैं। इसमें प्रमुख रूप से युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर का झुकाव शुभम गोटिया की तरफ दिख रहा है। वहीं रौनक अग्रवाल मंत्री राकेश सिंह के करीबी माने जाते हैं। ईशान नायक के प्रति सांसद आशीष दुबे का सॉफ्ट कॉर्नर समझ में आ रहा है।
परिषद की भी है मजबूती
जिस तरह से चार जिलों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कोटे से सीधे अध्यक्ष बनाए गए हैं, उसे देखते हुए जबलपुर में भी कुछ नाम ऐसे हैं, जो विद्यार्थी परिषद के कोटे से आगे बढ़ सकते हैं। इनमें शरद विश्वकर्मा और रोहन वैद्य का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। इसके अलावा शरद और रोहन ओबीसी कोटे से भी अपनी दावेदारी आगे बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा पश्चिम विधानसभा से शुभम अरिहंत और मध्य विधानसभा से सर्वम राठौर का भी नाम सामने आ रहा है। लेकिन वर्तमान नियुक्तियों में पश्चिम विधानसभा का एक अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिल रहा है, जिसमें यहां से मोर्चा में नियुक्तियां ना के बराबर हो रही हैं। वहीं सर्वम राठौर भी पर्दे के पीछे से अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं।







