डॉ. अमित खरे की गिरफ्तारी के बाद स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल पर प्रशासन का शिकंजा, अस्पताल सील
संयुक्त जांच में मिलीं कई गंभीर अनियमितताएं, भर्ती 8 मरीजों को मेडिकल कॉलेज किया शिफ्ट

जबलपुर, यशभारत। नरसिंहपुर के सुआतला थाना क्षेत्र में हाइवा से कुचलकर पांच युवकों की हत्या के मामले में स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अमित खरे की गिरफ्तारी के बाद रविवार को जिला प्रशासन ने अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर कई गंभीर अनियमितताएं पाईं। इसके बाद अस्पताल को सील कर उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल के दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि निरीक्षण के समय अस्पताल में कोई भी डिग्रीधारी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। न तो पंजीकृत एवं योग्य नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध था और न ही अस्पताल में फार्मेसी संचालित मिली। पैथोलॉजी में कार्यरत तकनीशियन भी निर्धारित योग्यता के अनुरूप नहीं पाया गया। अधिकारियों द्वारा संपर्क किए जाने के बावजूद कोई चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुंचा।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में भर्ती आठ मरीजों को सुरक्षित उपचार के लिए तत्काल नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में मिली अनियमितताओं का पंचनामा तैयार कर प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने अस्पताल संचालकों को एक माह के भीतर सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल के फायर एनओसी और भवन अनुज्ञा से जुड़े दस्तावेजों में भी गंभीर खामियां हैं। इन्हीं आधारों पर प्रशासन ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करते हुए भवन को सील कर दिया।
उल्लेखनीय है कि नरसिंहपुर के चर्चित हाइवा हत्याकांड में डॉ. अमित खरे को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उनकी गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने अस्पताल की वैधानिक व्यवस्थाओं की जांच शुरू की थी, जिसमें कई नियमों के उल्लंघन उजागर हुए। मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।







