चोरी के मोबाइलों से साइबर ठगी, यूपीआई पिन सेट कर देते थे वारदातों को अंजाम, कटनी पुलिस के हत्थे चढ़े झारखंड के तीन आरोपी

कटनी, यशभारत। जिले में मोबाइल चोरी की एक शिकायत की जांच करते हुए बाकल पुलिस ने ऐसे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है, जो चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए लोगों के बैंक खातों तक पहुंचकर रकम निकाल रहा था। पुलिस ने इस मामले में झारखंड के साहिबगंज जिले के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने कटनी सहित जबलपुर और उत्तरप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 14 मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। सोमवार को एसनी अभिनय विश्वकर्मा ने पत्रकारवार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि 2 जुलाई को बाकल थाने में साइबर पुलिस पोर्टल के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता शंकरलाल महतो का मोबाइल 26 जून को बाकल बाजार से गायब हो गया था। इसके बाद 30 जून को उन्हें जानकारी मिली कि उनके बचत खाते और केसीसी खाते से 29 जून, 30 जून और 1 जुलाई को 2 लाख 10 हजार रुपये की राशि धोखाधड़ी कर निकाल ली गई है। शिकायत के आधार पर बाकल थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन का विश्लेषण किया तो इसके तार दूसरे जिलों और राज्यों तक जुड़े मिले। जांच के दौरान पुलिस को 3 संदिग्धों की जानकारी मिली, जो डिंडौरी क्षेत्र में घूमते पाए गए। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने मोबाइल चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान तिवारी महतो 35 वर्ष निवासी साहिबगंज, झारखंड, उज्जवल कुमार उर्फ डिस्को महतो 39 वर्ष निवासी साहिबगंज झारखंड और रोनू महतो निवासी साहिबगंज झारखंड के रूप में की है।
जबलपुर के दीनदयाल चौक मेंं रह रहे थे आरोपी
एएसपी कमल मौर्य ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे करीब एक वर्ष से जबलपुर के दीनदयाल चौक के पास किराए के मकान में रहकर बाकल, सिहोरा और जबलपुर के अलग-अलग बाजारों में मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी किए गए ऐसे मोबाइल फोन, जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था अथवा जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था, उनमें यूपीआई पिन सेट कर बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। पुलिस के मुताबिक चोरी किए गए मोबाइल फोन को गिरोह के सदस्य करीम शेख उर्फ साजन निवासी मालदा, पश्चिम बंगाल के पास भेजते थे। इसके बाद प्राप्त रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
कटनी सहित कई जिलों में वारदात
आरोपियों ने पूछताछ में कुल 14 मोबाइल चोरी करना स्वीकार किया है। इनमें जबलपुर जिले के सिहोरा, गढ़ा और लार्डगंज, उत्तरप्रदेश के गोरखपुर तथा कटनी जिले के बहोरीबंद और बाकल क्षेत्र में की गई वारदातें शामिल हैं। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और चोरी किए गए मोबाइल तथा रकम के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।







