छोटकी चेरिया, बरबसपुर और महावीर छपरा में ट्रांसफार्मर खराब, सैकड़ों घर अंधेरे में
चेरिया में आंधी बारिश के दौरान गिरे बिजली के पोल 4 दिन बाद भी नहीं लगे, हाइड्रा मशीन के अभाव में काम ठप

कुसमौल संवाददाता (वीर भद्र सिंह)। उपकेंद्र सेवई की लापरवाही से ग्रामीणों का हाल बेहाल है। आंधी-बारिश के दौरान चेरिया गांव में गिरे बिजली के पोल चार से पांच दिन बाद भी नहीं लगाए जा सके हैं। वहीं छोटकी चेरिया, बरबसपुर और महावीर छपरा में ट्रांसफार्मर जलने से सैकड़ों घर अंधेरे में डूबे हुए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि चेरिया गांव में आंधी-तूफान के दौरान बिजली के कई पोल टूटकर गिर गए थे। चार दिन बीत जाने के बाद आज नए पोल तो आ गए, लेकिन हाइड्रा मशीन उपलब्ध न होने के कारण पोल खड़े नहीं किए जा सके। बिजली न आने से लोगों को भीषण गर्मी में रात काटनी पड़ रही है। मोबाइल चार्ज करने तक के लाले पड़ गए हैं।
छोटकी चेरिया गांव में लगा 63 केवीए का ट्रांसफार्मर खराब हो गया है। ट्रांसफार्मर फुंकने से पूरे गांव की बिजली गुल है। करीब 200 घरों में अंधेरा पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद भी विभाग ने अभी तक कोई सुध नहीं ली।
बताते चले कि बरबसपुर गांव में 10 केवी का ट्रांसफार्मर आज पांच दिन से जला पड़ा है। बार-बार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर नहीं बदला। ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। गर्मी और उमस से बच्चे-बुजुर्ग बेहाल हैं। वही महावीर छपरा गांव में उत्तम यादव के घर के पास लगा 10 केवी का ट्रांसफार्मर कल से ही जला हुआ है। आसपास के 40-50 घरों की बिजली ठप है। लोगों का कहना है कि विभाग को सूचना दे दी गई है, लेकिन अभी तक कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
विभागीय उदासीनता से ग्रामीण परेशान
क्षेत्र में लगातार बिजली संकट से ग्रामीणों में गुस्सा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो वे एसडीओ कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं बिजली विभाग के जेई का कहना है कि हाइड्रा मशीन और ट्रांसफार्मर के लिए डिमांड भेज दी गई है। जल्द समस्या का समाधान कराया जाएगा।







