कटनी
पिता को मुखाग्नि देखकर बेटे का फर्ज निभाया बेटी ने, सचिन कश्यप को अंतिम विदाई देने मुक्तिधाम पहुंची तीनों बेटियों को देख छलछला आई आंखें


सचिन अपनी तीनों बेटियों जूनी, ग्लोरी और हनी को बहुत स्नेह देते थे। वे मांझी समाज कटनी के सचिव के रूप में भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे। लगभग 60 वर्षीय सचिन का जबलपुर के एक निजी अस्पताल में हार्ट सम्बंधी ऑपरेशन के दौरान ब्रेन हेमरेज से दुखद निधन हो गया। निधन की खबर से एनकेजे क्षेत्र में शोक व्याप्त हो गया। उनकी अंतिम यात्रा आज रविवार को नयागांव एनकेजे स्थित निवास से निकाली गई। अंतिम संस्कार एनकेजे मुक्तिधाम में किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में सभी वर्गों के लोग शामिल हुए।







