भाजपा की नई टीम घोषित, संगठन में अनुभव और संतुलन पर जोर – प्रदेश कार्यसमिति में 106 सदस्य शामिल, 41 नेताओं को बनाया गया स्थायी आमंत्रित सदस्य

भाजपा की नई टीम घोषित, संगठन में अनुभव और संतुलन पर जोर
– प्रदेश कार्यसमिति में 106 सदस्य शामिल, 41 नेताओं को बनाया गया स्थायी आमंत्रित सदस्य
भोपाल, यश भारत । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने लंबे इंतजार के बाद प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। नई कार्यसमिति में संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने का प्रयास दिखाई देता है। घोषित सूची में 106 नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया है, जबकि 41 नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल पार्टी ने विशेष आमंत्रित सदस्यों की घोषणा नहीं की है।
नई कार्यसमिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं को स्थान दिया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कार्यसमिति का हिस्सा बनाए गए हैं। प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और सावित्री ठाकुर को भी कार्यसमिति में शामिल किया गया है। वहीं राज्य मंत्रिमंडल के कई प्रमुख चेहरों को संगठन में प्रतिनिधित्व मिला है। इनमें कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल, राकेश सिंह, संपतिया उइके, विजय शाह, इंदर सिंह परमार, उदय प्रताप सिंह, तुलसीराम सिलावट, एदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, चेतन कश्यप और कृष्णा गौर प्रमुख हैं।
सामाजिक संतुलन पर भी नजर
नई कार्यसमिति की सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश भी दिखाई देती है। हालांकि 106 सदस्यीय कार्यसमिति में मुस्लिम समाज से केवल एक नाम शामिल किया गया है। बिलकिस जहां को कार्यसमिति में स्थान देकर पार्टी ने अल्पसंख्यक वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का संदेश देने का प्रयास किया है।
संगठन विस्तार की दिशा में कदम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों के साथ-साथ 2028 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। नई कार्यसमिति को इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आने वाले दिनों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, बूथ स्तर तक संवाद मजबूत करने और विभिन्न मोर्चों के पुनर्गठन पर भी फोकस करेंगे। नई कार्यसमिति को भाजपा के आगामी राजनीतिक अभियान की आधारशिला माना जा रहा है।







