बदलते मौसम का सेहत पर वार, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़ एसी से धूप और धूप से एसी में आना पड़ सकता है भारी

बदलते मौसम का सेहत पर वार, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़ , एसी से धूप और धूप से एसी में आना पड़ सकता है भारी
भोपाल यश भारत। प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। सुबह तेज धूप और उमस दोपहर में गर्म हवाएं तो शाम को कहीं बारिश की फुहारें लोगों को राहत के साथ बीमारियां भी दे रही हैं। तापमान में अचानक होने वाले उतार चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों के अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में वायरल बुखार उल्टी दस्त सर्दी खांसी और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंडे और गर्म वातावरण के बीच लगातार आने जाने से शरीर का तापमान संतुलन प्रभावित होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने लगती है। यही वजह है कि इन दिनों बच्चों बुजुर्गों और ऑफिस में लंबे समय तक एसी में काम करने वाले लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं अधिक देखने को मिल रही हैं।ऑफिस कर्मचारियों को सबसे ज्यादा खतरा , विशेषज्ञों के मुताबिक कई कॉर्पोरेट और सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी आठ से दस घंटे तक एसी में काम करते हैं। इसके बाद अचानक तेज धूप और उमस वाले वातावरण में निकलने से शरीर को तापमान के अनुरूप ढलने का समय नहीं मिल पाता। इससे वायरल संक्रमण गले में खराश सिरदर्द बदन दर्द और बुखार की शिकायत बढ़ सकती है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें। बाहर निकलने से पहले कुछ मिनट सामान्य तापमान में रुकें और तुरंत तेज धूप में जाने से बचें। पसीने से भीगे शरीर के साथ सीधे एसी में बैठना और एसी से निकलते ही ठंडा पानी पीना भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उल्टी दस्त और पेट संबंधी बीमारियां बढ़ीं , मौसम में बदलाव के कारण खान पान से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। अस्पतालों में उल्टी दस्त पेट दर्द अपच और गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और नमी के कारण खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं। ऐसे में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कटे फल और बासी भोजन से दूरी बनाकर रखना जरूरी है। इन सावधानियों से रह सकते हैं सुरक्षित , चिकित्सकों ने लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने ओआरएस और तरल पदार्थों का सेवन करने हल्का एवं ताजा भोजन लेने तथा हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से धूप में बाहर नहीं निकलने देने की भी अपील की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उल्टी दस्त लगातार बने रहें तेज बुखार दो दिन से अधिक रहे सांस लेने में तकलीफ हो या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। मौसम का यह बदलता दौर अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी और संतुलित दिनचर्या अपनाकर मौसमी बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो बदलते मौसम में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।







