थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली सुधारेगी सरकार: अब हर महीने होगा मंथली एग्जाम, तीन बार फेल होने पर छिनेगा प्रभार

थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली सुधारेगी सरकार: अब हर महीने होगा मंथली एग्जाम, तीन बार फेल होने पर छिनेगा प्रभार
गंभीर अपराध बढ़ने पर होगी माइनस मार्किंग, भोपाल कमिश्नरेट में इसी महीने से लागू व्यवस्था, 22 मानकों पर मिलेंगे 100 में से नंबर
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने तथा पुलिसिंग को पूरी तरह जवाबदेह बनाने के लिए पुलिस विभाग ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अब सूबे के सभी थाना प्रभारियों को हर महीने एक मासिक परीक्षा से गुजरना होगा। पुलिस विभाग ने इसके लिए 22 अलग-अलग पुलिसिंग मानकों के आधार पर एक विशेष ग्रेडिंग सिस्टम तैयार किया है। इस परीक्षा में खरा न उतरने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। यदि कोई थाना प्रभारी लगातार तीन महीनों की ग्रेडिंग में फेल पाया जाता है, तो उससे तत्काल थाने का प्रभार छीन लिया जाएगा।
भोपाल से हो रही शुरुआत, 100 अंकों का होगा मूल्यांकन
पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार, इस नए मूल्यांकन मॉडल की शुरुआत इसी महीने से भोपाल कमिश्नरेट से की जा रही है। यह मासिक एग्जाम कुल 100 अंकों का होगा। थानों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, पेंडिंग मामलों का त्वरित निपटारा करने और क्राइम रेट को नीचे लाने के उद्देश्य से इस सिस्टम को डिजाइन किया गया है। खास बात यह है कि इस व्यवस्था में ‘माइनस मार्किंग’ का प्रावधान भी रखा गया है। यानी यदि किसी थाना प्रभारी के इलाके में अचानक गंभीर अपराधों का ग्राफ बढ़ता है, तो उसके कुल अंकों में से नंबर काट लिए जाएंगे।
हथियार, नशा और वारंट तामीली पर रहेगा विशेष फोकस
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि इस मूल्यांकन मॉडल का मुख्य उद्देश्य थानों की कार्यप्रणाली में तेजी लाना है। परीक्षा के दौरान थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई, नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम और लंबे समय से पेंडिंग वारंटों की तामीली कराने पर सबसे ज्यादा अंक मिलेंगे। इसके अलावा, जिला बदर किए गए अपराधियों और रिकॉर्डेड बदमाशों की मॉनिटरिंग पर भी विशेष फोकस रहेगा। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से जनता की शिकायतों पर थानों में त्वरित सुनवाई होगी और लापरवाह पुलिस अफसरों पर लगाम कसी जा सकेगी।







