अजब-गजब प्रशासनिक उलझन : ड्राफ्ट” तैयार करने की प्रक्रिया अटकी

रीवा । रीवा और मऊगंज के बीच पुलिस व्यवस्था एक अजीब प्रशासनिक उलझन में फंस गई है। हालात ऐसे हैं कि आपराधिक मामलों की जांच में देरी होने लगी है, क्योंकि “ड्राफ्ट” तैयार करने की प्रक्रिया ही अटक गई है।
दरअसल, ड्राफ्ट वह जरूरी दस्तावेज होता है जिसके जरिए जब्त सामग्री और साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाता है। लेकिन जिले के बंटवारे के बाद अब जिम्मेदारियां साफ नहीं हैं। रीवा और सतना की एफएसएल यूनिट के बीच तालमेल की कमी के कारण मऊगंज जिले के मामलों में ड्राफ्ट तैयार नहीं हो पा रहे।
स्थिति ये है कि विवेचक एक जिले से दूसरे जिले के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन काम पूरा नहीं हो रहा। कई मामलों में लोगों को ड्राफ्ट बनवाने के लिए वापस लौटा दिया गया। पुलिसकर्मियों का कहना है कि एफएसएल यूनिट में साइन और प्रक्रिया स्पष्ट न होने के कारण जांच अटक रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इस समस्या की जानकारी वरिष्ठ स्तर पर दे दी गई है और जल्द व्यवस्था सुधारने की बात कही जा रही है।







