डीएमएफ फंड के उपयोग के नियम बदले, अब सीधे प्रभावित क्षेत्रों को मिलेगा ज्यादा लाभ
खनिज सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश, 70 प्रतिशत राशि प्रत्यक्ष प्रभावित इलाकों में खर्च होगी

डीएमएफ फंड के उपयोग के नियम बदले, अब सीधे प्रभावित क्षेत्रों को मिलेगा ज्यादा लाभ
खनिज सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश, 70 प्रतिशत राशि प्रत्यक्ष प्रभावित इलाकों में खर्च होगी
कटनी,यशभारत। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए उपयोग होने वाली जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) निधि के खर्च के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब डीएमएफ की राशि का बड़ा हिस्सा सीधे खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर खर्च करना अनिवार्य होगा।
खनिज संसाधन विभाग के सचिव आलोक सिंह और संचालक फ्रेंक नोबल ए ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों को प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना-2024 के तहत लागू नए नियमों की जानकारी दी। कटनी में कलेक्टर आशीष तिवारी सहित जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर और उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि अब मुख्य खनिज खदानों से 15 किलोमीटर की परिधि में प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों तथा 25 किलोमीटर तक के अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में ही डीएमएफ के कार्य कराए जाएंगे। साथ ही डीएमएफ की 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य होगा, जिसमें आवास, कृषि और पशुपालन जैसे क्षेत्र भी शामिल किए गए हैं।
नए नियमों के अनुसार 10 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक प्राप्ति वाले डीएमएफ में कुल राशि का 10 प्रतिशत अक्षय निधि के रूप में सुरक्षित रखना होगा। प्रत्येक जिले को पांच वर्षीय कार्ययोजना तैयार करनी होगी तथा डीएमएफ कार्यों का सीएजी द्वारा ऑडिट कराया जाएगा।
खनिज अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों से डीएमएफ निधि के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ेगी और खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों का सीधा लाभ लोगों तक पहुंचेगा।







