ट्विशा शर्मा केस: कोर्ट ने आरोपी समर्थ और गिरिबाला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा

ट्विशा शर्मा केस: कोर्ट ने आरोपी समर्थ और गिरिबाला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
सीबीआई की 5 दिन की रिमांड खत्म होने पर कोर्ट में हुई पेशी, एम्स की सेकंड पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच एजेंसी को सौंपी गई
भोपाल, यशभारत। भोपाल की चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सीबीआई रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में भारी हंगामा भी देखने को मिला, जिसके बाद न्यायाधीश के निर्देश पर कोर्ट रूम को खाली कराना पड़ा।
सीबीआई को मिली एम्स की सेकंड पीएम रिपोर्ट
मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड ने ट्विशा के शव की सेकंड पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंप दी है। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों से शुरुआती पूछताछ पूरी हो चुकी है, लेकिन यदि भविष्य में आवश्यकता पड़ी, तो वे दोबारा पुलिस रिमांड की मांग के लिए आवेदन करेंगे।
कोर्ट में आरोपियों का आक्रामक रुख, लगाया मारपीट का आरोप
पेशी के दौरान आरोपी समर्थ सिंह का रवैया काफी आक्रामक रहा। उसने साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, हमने सीसीटीवी फुटेज के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की है और न ही कोई वीडियो जारी किया है। वहीं, उसकी मां गिरिबाला सिंह ने भावुक कार्ड खेलते हुए मीडिया ट्रायल पर गहरी नाराजगी जताई। गिरिबाला ने ट्विशा के वकील अनुराग श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जबलपुर कोर्ट में उनके बेटे समर्थ के साथ मारपीट की गई है और जेल में उसकी जान को खतरा है।
ट्विशा के वकील ने उठाए सवाल – 30 हजार के इनामी को कैसे मिली शरण?
ट्विशा शर्मा के पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कोर्ट में आरोपियों की दलीलों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि मृतका के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसके पुख्ता सबूत हैं। वकील ने एक बड़ा सवाल उठाते हुए आपत्ति दर्ज कराई कि जब समर्थ सिंह पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था, तब उसे जबलपुर के तत्कालीन प्रिंसिपल सेशन जज के यहां शरण कैसे मिली? उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
दो बार हुआ सीन री-क्रिएशन, CFSL रिपोर्ट का इंतजार
सीबीआई ने जांच के सिलसिले में कटारा स्थित गिरिबाला के निवास पर दो बार क्राइम सीन री-क्रिएट किया है। सोमवार को फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में आरोपियों के सामने ट्विशा को फंदे पर लटकाने वाले दृश्य का री-क्रिएशन किया गया। हालांकि, मां-बेटे दोनों ने ट्विशा के साथ किसी भी तरह की मारपीट या प्रताड़ना से इनकार किया है। सीबीआई ने री-क्रिएशन का पूरा डेटा दिल्ली स्थित सीएफएसएल लैब भेज दिया है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर मिलने की संभावना है। इसके बाद ही मौत के असली कारणों से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा।







