यातायात थाने के बाजू में जाम के लिए बदनाम तीन पत्ती चौक पर फिर बवाल: इच्छाधारी और मनपसंद लस्सी संचालकों में विवाद, पार्किंग और ग्राहकों को लेकर हुआ हंगामा…. देखे VIDEO

जबलपुर यश भारत। तीन पत्ती चौक स्थित यातायात थाने के बगल में रविवार को पार्किंग और ग्राहकों को लेकर दो लस्सी कारोबारियों के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि इच्छाधारी लस्सी और मनपसंद लस्सी के संचालकों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हंगामे में बदल गया। घटना का वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लस्सी दुकानों के बाहर लगने वाली भीड़ और वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण इस क्षेत्र में रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है।
पार्किंग और ग्राहकों को लेकर बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों प्रतिष्ठानों के बीच लंबे समय से ग्राहकों और वाहनों की पार्किंग को लेकर तनातनी चल रही थी। रविवार को यह विवाद फिर उभर आया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कुछ देर तक तीखी बहस होती रही, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
व्यस्त इलाके में मचा हड़कंप
घटना के दौरान तीन पत्ती चौक क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। राहगीर और ग्राहक भी रुककर घटनाक्रम देखते रहे। विवाद के कारण आसपास यातायात भी प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना का वीडियो आया सामने
पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्षों के लोगों के बीच बहस और हंगामा स्पष्ट दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शहरभर में इस घटना की चर्चा हो रही है।
कारोबारी प्रतिस्पर्धा ने बढ़ाया तनाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में ग्राहकों को आकर्षित करने और पार्किंग व्यवस्था को लेकर समय-समय पर तनाव की स्थिति बनती रही है। रविवार को यह तनाव खुलकर सामने आ गया, जिससे क्षेत्र का माहौल कुछ समय के लिए गर्मा गया..
यातायात थाने के बगल में लगता है रोज जाम
हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर यह विवाद हुआ, उसके ठीक बगल में यातायात थाना स्थित है। इसके बावजूद तीन पत्ती चौक क्षेत्र में रोजाना अव्यवस्थित पार्किंग और वाहनों की भीड़ के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लस्सी दुकानों के बाहर सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों और ग्राहकों की भीड़ से यातायात प्रभावित होता है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई विशेष सुधार देखने को नहीं मिलता।







