कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई: 181 में से 40 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा

कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई: 181 में से 40 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा
बुजुर्ग महिला की रुकी पेंशन शुरू करने के निर्देश, जलभराव की समस्या पर तुरंत दौड़ा अमला
भोपाल,यश भारत। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे आवेदकों को बड़ी राहत मिली। सुबह 9 बजे से शुरू हुई इस जनसुनवाई में कुल 181 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए 40 से अधिक मामलों का मौके पर ही तात्कालिक समाधान कर दिया। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर सुमित कुमार पांडे और जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी ने खुद मौजूद रहकर एक-एक आवेदक से सीधे संवाद किया और उनकी शिकायतें सुनीं।
नाली बंद होने से घर में भरा पानी, तत्काल साफ करने के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान उस समय त्वरित एक्शन देखने को मिला जब एक महिला आवेदक ने रोते हुए बताया कि नाली चोक होने के कारण उसके घर में गंदा पानी भर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम सुमित कुमार पांडे ने तत्काल संबंधित क्षेत्र के अमले को फोन कर मौके पर नाली सफाई कराने के निर्देश दिए। इसी तरह एक अन्य मामले में एक बेसहारा बुजुर्ग महिला पिछले कई महीनों से पेंशन के लिए भटक रही थी। अधिकारियों ने मौके पर ही उसके दस्तावेजों का सत्यापन करवाया और नियमित पेंशन जारी करने के लिए संबंधित विभाग को कड़ी चेतावनी के साथ नोटिस थमाया।
7 दिन में करना होगा बची शिकायतों का निराकरण
जनसुनवाई में सबसे ज्यादा मामले भूमि विवाद, पते से संबंधित गड़बड़ियां, साफ-सफाई, राशन कार्ड और पेंशन योजना का लाभ न मिलने से जुड़े आए। जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी ने शेष 141 आवेदनों को विभागवार बांटकर संबंधित अफसरों को सौंप दिया है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जिन मामलों में फील्ड विजिट या तकनीकी जांच की जरूरत है, उन्हें भी अधिकतम 7 दिनों के भीतर हर हाल में सुलझाया जाए। उन्होंने नागरिकों से यह भी अपील की कि वे अपने साथ पूरे दस्तावेज जरूर लाएं ताकि प्रक्रिया में देरी न हो।
अब डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से होगी मॉनिटरिंग
अधिकारियों ने बताया कि जनसुनवाई की पूरी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सभी लंबित शिकायतों को ‘डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम’ में दर्ज कर दिया गया है। इससे यह पता चलता रहेगा कि किस विभाग के पास कौन सी फाइल अटकी हुई है। इसके साथ ही प्रशासन ने उन बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ऑनलाइन आवेदन का विकल्प भी खुला रखा है, जो शारीरिक रूप से कलेक्टर कार्यालय पहुंचने में असमर्थ हैं। दूसरी ओर, जनसुनवाई में आए स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अफसरों के इस सीधे संवाद से व्यवस्था में सुधार तो दिख रहा है, लेकिन पेंडिंग पड़े मामलों के निपटारे की गति को थोड़ा और तेज करने की जरूरत है।







