जल संरक्षण का सिंगपुर मॉडल बना मिसाल : बदली क्षेत्र की तकदीर, पानी रोकने दर्जनों संरचनाएं बनाई… पढ़े पूरी खबर

डिंडौरी।जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। डिंडोरी जिले की जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंगपुर में विभिन्न जल संरचनाओं के निर्माण से जल प्रबंधन की स्थिति मजबूत हुई है। भीषण गर्मी के बावजूद पंचायत क्षेत्र में जल स्रोतों में पानी उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिल रही है।
ग्राम पंचायत सिंगपुर में जल संरक्षण के उद्देश्य से स्टॉप डेम, तालाब, कंटूर ट्रेंच, खेल तालाब तथा अमृत सरोवर जैसे जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। इन संरचनाओं ने वर्षा जल के संग्रहण और भूजल स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परिणामस्वरूप क्षेत्र में पानी का संरक्षण बेहतर हुआ है और जल संकट की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि इन जल संरचनाओं से न केवल घरेलू उपयोग के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है, बल्कि पशुओं के लिए पेयजल तथा कृषि कार्यों के लिए सिंचाई की सुविधा भी मिल रही है। इससे किसानों को खेती में लाभ मिल रहा है और ग्रामीणों की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुगमता से हो रही है।
जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए इन कार्यों के पीछे जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका रही है। जिला कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के अनुरूप पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। इस कार्य में सरपंच दीपचंद पुषाम, सचिव गणेश यादव, उपयंत्री मनोज चौधरी, सहायक यंत्री बिरसिंह तिलगाम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रामबाबू देवांगन तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी प्रकार जल संरक्षण के प्रयास निरंतर जारी रहे तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र में जल संकट की समस्या को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है। ग्राम पंचायत सिंगपुर का यह मॉडल अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता जा रहा है, जहां जल संरक्षण को जनभागीदारी और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से सफल बनाया जा रहा है। ग्राम पंचायत सिंगपुर में निर्मित जल संरचनाएं, जो जल संरक्षण और भूजल संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।







