बड़े तालाब में शिवसैनिकों का जल-सत्याग्रह, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठी मांग भगवा झंडों के साथ तालाब में उतरे कार्यकर्ता, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच पुलिस रही मुस्तैद

बड़े तालाब में शिवसैनिकों का जल-सत्याग्रह, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठी मांग
भगवा झंडों के साथ तालाब में उतरे कार्यकर्ता, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच पुलिस रही मुस्तैद
भोपाल, यश भारत। राजधानी भोपाल के शीतलदास की बगिया स्थित बड़े तालाब में रविवार सुबह उस समय अलग नजारा देखने को मिला, जब शिवसेना के दर्जनों कार्यकर्ता गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर पानी में उतर गए। भगवा वस्त्र धारण किए शिव सैनिकों ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर जल-सत्याग्रह किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिवसेना नेताओं का कहना था कि गौ माता भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का प्रमुख प्रतीक है। इसलिए उसे राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की रक्षा से जुड़ा मुद्दा है। जल सत्याग्रह के दौरान तालाब किनारे बड़ी संख्या में लोग भी जुटे रहे। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। हालांकि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। आंदोलन के दौरान युवा शिवसेना उप राज्य प्रमुख कुलदीप तिवारी और पंडित सुनील शर्मा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देशभर में इस मांग को लेकर जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।







