कॉकरोच जनता पार्टी : एक करोड़ 20 लाख हुए इंस्टा पर फॉलोअर्स, सारी पार्टियों को पछाड़ा!
16 मई को शुरू हुए अकाउंट पर 5 दिन में एक करोड़ 20 लाख सबक्राईबर बन गए

कॉकरोच जनता पार्टी : एक करोड़ 20 लाख हुए इंस्टा पर फॉलोअर्स, सारी पार्टियों को पछाड़ा!
कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर हंगामा बरपा दिया है और सोशल मीडिया के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेरोजगार युवाओं पर टिप्पणी आई और उसके बाद मजाक मजाक में सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना हो गई।
16 मई को शुरू हुए अकाउंट पर 5 दिन में एक करोड़ 20 लाख सबक्राईबर बन गए। इसकी स्थापना जर्नलिज्म और पीआर की पढ़ाई करने वाले अभिजीत दीपिके ने की है जिन्होंने पुणे से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म किया और फिर बोस्टन यूनिवर्सिटी चले गए जहां पब्लिक रिलेशन में मास्टर डिग्री ली। आम आदमी पार्टी के चुनाव में सोशल मीडिया टीम में शामिल रहे।
हैरानी की बात है कि इसकी सदस्यता के लिए आलसी और बेरोजगार होना जरूरी है। कम से कम 11 घंटे मोबाइल चलाने वाला होना चाहिए जो बाथरूम में भी मोबाइल के बिना नहीं रह पाता हो। कुल मिलाकर नल्ला हो, कोई काम न हो, जीवन में कोई लक्ष्य न हो और न ही कोई आशा बची हो।
हर घंटे लाखों की तादाद में बढ़ रहे इंस्टग्राम एकाउंट ने बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी से लेकर सभी को पीछे छोड़ दिया है। यही नहीं इसकी नकल कर बने कई अकाउंट भी लाखों सबक्राईबर जुटा चुके हैं और हर कोई इस पार्टी का जिला अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख बनने की पोस्ट डालने के लिए उतावला नजर आ रहा है।अब इसे मजाक माने या फिर कुछ ओर।कॉकरोच जनता पार्टी के बहाने! तेजिंदर बग्गा को 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव में महज़ 38 हज़ार वोट मिले थे जबकि फेसबुक पर तब उनके 6.5 लाख फॉलोवर थे। पत्रकार और सोशल मीडिया पर काफ़ी लोकप्रिय, लाखों फॉलोवर वाले मशहूर यूट्यूबर मेघनाद एस 2025 में दिल्ली की मालवीय सीट से चुनाव लड़े थे। कुल 192 वोट मिले थे जबकि नोटा को 500 से ज़्यादा वोट मिले थे।
एजाज ख़ान याद हैं? बिग बॉस में आए थे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। 5.6 मिलियन फॉलोवर हैं। भाई साहब 2024 में मुंबई विधानसभा चुनाव लड़े थे, कुल जमा 155 वोट मिले थे, इनसे ज़्यादा नोटा को 155 वोट मिले थे।
ये तो ख़ैर बड़ी बात हो गई। 2025 में उत्तराखंड में पंचायत चुनाव के समय रुद्रप्रयाग की फेमस यू ट्यूबर दीपा पहाड़ी को पंचायत चुनाव में महज़ 256 वोट मिले थे, जबकि उनके पास सोशल मीडिया पर 2 लाख से ज़्यादा फॉलोवर थे।
कहने का मतलब यह है कि सोशल मीडिया फॉलोवर और वास्तविक वोटर्स में बड़ा अंतर होता है। अगर सोशल मीडिया पर क्रांति करके चुनाव जीते जाते तो पुनीत सुपरस्टार और उर्फी जावेद किसी राज्य के सीएम होते।







