
बाराबंकी। जनपद के टिकैतनगर थाना क्षेत्र से जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह का दबाव बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाया है कि मामले में सख्त कार्रवाई करने के बजाय केवल शांतिभंग की धारा में कार्रवाई की गई। पुलिस की कार्यशैली से असंतुष्ट पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डीजीपी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर न्याय और सुरक्षा की मांग की है।
कस्बा इचौली निवासी दिव्यांशी गुप्ता पत्नी सुनील गुप्ता का आरोप है कि मोहल्ले का रहने वाला मोहम्मद अमन काफी समय से उन पर धर्म परिवर्तन और निकाह का दबाव बना रहा था। पीड़िता के अनुसार वह आरोपी के यहां कपड़े सिलाई करने जाती थीं, इसी दौरान आरोपी ने उनका मोबाइल नंबर हासिल कर लिया और लगातार परेशान करने लगा।
पीड़िता ने बताया कि कुछ दिन पूर्व आरोपी ने उन्हें, उनके पति और सास को बातचीत के बहाने एक कमरे में बुलाया। आरोप है कि कमरे के अंदर पहले से एक मौलवी समेत कुछ अन्य लोग मौजूद थे और निकाह की तैयारी चल रही थी। पीड़िता के मुताबिक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया गया और उन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। साथ ही जबरन मांस खिलाने की कोशिश करते हुए कथित तौर पर कहा गया कि “मांस खिला दो और निकाह करा दो।”
पीड़िता का कहना है कि कमरे के भीतर शोर-शराबा सुनकर उनके परिजन मौके पर पहुंच गए और दरवाजा पीटना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। भीड़ बढ़ती देख आरोपियों ने दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद पीड़ित परिवार वहां से निकल सका।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मामले की शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज नहीं किया और केवल शांतिभंग की कार्रवाई कर मामले को टालने का प्रयास किया। अब पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की







