
प्रयागराज,यश भारत। यमुनापार के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत व्योहरा गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। यहां 8 साल की मासूम जाह्नवी की उसके ही नाबालिग चाचा ने अपनी मां के साथ मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी। बच्ची का खून से लथपथ शव भूसे वाले कमरे में पड़ा मिला। उसके गले पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे, जबकि सीने और पेट पर कई वार किए गए थे।
पुलिस जांच में सामने आई शुरुआती जानकारी के मुताबिक आरोपी नाबालिग चाचा बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था। आरोप है कि वह उसे भूसे वाले कमरे में आपत्तिजनक वीडियो दिखा रहा था। इसी दौरान उसकी मां गीता देवी वहां पहुंच गई। बेटे की हरकत देखकर उसे डर सताने लगा कि कहीं बच्ची यह बात किसी को बता न दे और परिवार की बदनामी न हो जाए। इसके बाद मां-बेटे ने मिलकर मासूम की हत्या की साजिश रच डाली। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले हंसिया से जाह्नवी का गला रेता, फिर उसके सीने और पेट पर कई वार कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद शव को भूसे के ढेर में छिपा दिया गया।
खेलते-खेलते गायब हुई थी जाह्नवी
गांव निवासी सुनील कुमार चौधरी राजमिस्त्री हैं। परिवार में पत्नी इंदु देवी और चार बच्चे हैं। जाह्नवी सबसे बड़ी बेटी थी और कक्षा-2 की छात्रा थी। सोमवार शाम करीब 6 बजे वह घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई। परिवार और ग्रामीणों ने रात तक पूरे गांव में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आधी रात के करीब आरोपी परिवार का बड़ा बेटा करन सुनील के घर पहुंचा और बताया कि जाह्नवी का शव उनके घर के भूसे वाले कमरे में पड़ा है। यह सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस को भी रोका गया
जाह्नवी के माता-पिता जब आरोपी के घर पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद सुनील ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर एसीपी करछना, थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र और करछना पुलिस पहुंची। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने शुरुआत में पुलिस को भी घर के अंदर नहीं घुसने दिया। सख्ती के बाद पुलिस अंदर पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। भूसे के ढेर में जाह्नवी का खून से सना शव पड़ा था। उसके शरीर पर कई गहरे जख्म थे और गर्दन कटी हुई थी। बेटी की हालत देखकर मां इंदु देवी बेसुध होकर गिर पड़ीं।
पांच हिरासत में, मुख्य आरोपी फरार
फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं। बच्ची के परिजन ने हत्या का आरोप चचेरे दादा-दादी और दोनों चाचाओं पर लगाया है। पुलिस ने इस मामले में चचेरे दादा मन्नीलाल, दादी गीता देवी, बड़ा बेटा करन, शुभम और पाटीदार श्याम बाबू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं वारदात का मुख्य आरोपी 16 वर्षीय नाबालिग चाचा घटना के बाद से फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस निर्मम हत्याकांड ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। मासूम जाह्नवी की चीखें अब खामोश हो चुकी हैं, लेकिन उसके साथ हुई दरिंदगी ने इंसानियत को कटघरे में खड़ा कर दिया है।







