कोटा मंडल में कोच में आग लगने की घटना की जांच तेज,आज जीएम ऑफिस पहुंचेगी पूरी ट्रेन की टीम
आग लगने के कारणों पर होगा बड़ा खुलासा

जबलपुर यशभारत । पश्चिम मध्य रेल के कोटा रेल मंडल के अंतर्गत लूनी रिकरिच्छा रेलवे स्टेशन में राजधानी एक्सप्रेस के कोच में आग लगने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित पूरी ट्रेन के बड़ोदरा एवं दिल्ली स्टाफ को आज जांच के लिए जीएम ऑफिस पहुंच रहा है जहां वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा घटना के दिन मौजूद ट्रेन के स्टाफ के बयान लिए जाएंगे
रेलवे सूत्रों के अनुसार आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट, इलेक्ट्रिकल फॉल्ट अथवा किसी ज्वलनशील सामग्री की संभावना पर फोकस किया जा रहा है। हालांकि रेलवे अधिकारी फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं।बताया जा रहा है कि घटना के दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा दल की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
अब पूरे कोच की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि आखिर आग किन परिस्थितियों में लगी।आज जीएम ऑफिस में होने वाली जांच के दौरान अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। रेलवे बोर्ड तक मामले की रिपोर्ट भेजे जाने की तैयारी है। घटना के बाद पश्चिम मध्य रेल में सुरक्षा व्यवस्थाओं और कोचों की फिटनेस को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के नेतृत्व में उच्चस्तरीय 6-सदस्यीय समिति ने घटनास्थल एवं कोच का निरीक्षण किया गया है। बता दें कि 17 मई को गाड़ी संख्या 12431 तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के कोच में आग लगने की घटना की जांच हेतु पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच समिति 18 मई, 2026 को कोटा मंडल पहुंची।प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी/पश्चिम मध्य रेलवे मनोज गुरुमुखी की संयोजकता में गठित इस 6-सदस्यीय समिति ने घटनास्थल की जांच की एवं लूनीरिच्छा स्टेशन पर जले हुए कोच का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।
श्री गुरुमुखी के नेतृत्व में विशेष तकनीकी दल ने कोच की तकनीकी स्थिति एवं अग्निकांड से संबंधित प्रत्येक पहलू की बारीकी से जांच की तथा घटना से संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।समिति में प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता मुकेश (पश्चिम मध्य रेलवे), प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एम. विजय कुमार (पश्चिम मध्य रेलवे), प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एन.एस. प्रसाद (आईसीएफ), कार्यकारी निदेशक महेन्द्र सिंह (पीएस एवं ईएमयू/आरडीएसओ) तथा प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजीव कुमार (पश्चिम मध्य रेलवे) सम्मिलित हैं।मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री ललित धुरंधर ने शाखा अधिकारियों के साथ जांच समिति को सहयोग किया।उक्त समिति घटना के मूल कारणों, तकनीकी पहलुओं एवं सुरक्षा मानकों की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।







