हिंदी लेखिका संघ के वार्षिकोत्सव में बिखरी साहित्यिक चमक,साहित्य, संगीत और संस्कृति का भव्य संगम, नन्हीं प्रतिभा यशिका ईशानी शुक्ला का हुआ सम्मान


जबलपुर यश भारत। कला वीथिका सभागार में हिंदी लेखिका संघ, मध्यप्रदेश (जबलपुर इकाई) का वार्षिकोत्सव बेहद गरिमामय और भव्य वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संगीत, नृत्य और सम्मान समारोह का अद्भुत संगम देखने को मिला। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मधुर गीतों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शहर के साहित्यकारों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और कला प्रेमियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक माहौल और सांस्कृतिक ऊर्जा देखने लायक रही।
यशिका ईशानी शुक्ला बनीं समारोह की विशेष आकर्षण
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा नन्हीं प्रतिभा यशिका ईशानी शुक्ला की रही, जिन्हें बाल प्रतिभा सम्मान से नवाजा गया। उनकी उपलब्धि पर सभागार में मौजूद सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। अतिथियों ने कहा कि कम उम्र में इस तरह की उपलब्धि हासिल करना अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणादायक है। सम्मान मिलने के बाद परिजनों और शुभचिंतकों ने यशिका को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्य अतिथियों ने महिला लेखिकाओं की भूमिका को सराहा

समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार आचार्य भगवत दुबे ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. हरिशंकर दुबे उपस्थित रहे, जबकि सारस्वत अतिथि के रूप में राजेश पाठक ‘प्रवीण’ शामिल हुए। इसके अलावा विधायक कीर्ति अभिलाष पांडे और इंदिरा पाठक तिवारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि महिला रचनाकारों ने समाज के विभिन्न मुद्दों को अपनी लेखनी के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाया है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है।
साइबर सुरक्षा को लेकर किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान साइबर थाना प्रभारी भावना तिवारी ने लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन फ्रॉड, फेक कॉल, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने महिलाओं और युवाओं को विशेष रूप से सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की सलाह दी।
‘वामा शिल्प’ और ‘जीवन का कैनवास’ का विमोचन

वार्षिकोत्सव के दौरान हिंदी लेखिका संघ की वार्षिक पत्रिका ‘वामा शिल्प’ का विमोचन किया गया। इसके साथ ही डॉ. कामना कौस्तुभ द्वारा लिखित लघुकथा संग्रह ‘जीवन का कैनवास’ का भी लोकार्पण अतिथियों के हाथों संपन्न हुआ। साहित्य प्रेमियों ने दोनों प्रकाशनों की सराहना करते हुए इसे साहित्य जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मिला सम्मान
समारोह में समाज, साहित्य, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई हस्तियों को सम्मानित किया गया। ई. अर्चना नायडू को डॉ. गायत्री तिवारी स्मृति सम्मान, डॉ. भावना शुक्ल को डॉ. प्रार्थना अर्गल स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। वहीं चिकित्सा एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए डॉ. अपूर्वा तिवारी, अनामिका कुमारी, डॉ. रूपाली मित्तल और डॉ. शिव कुमार सिंह ठाकुर को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई।
आभार प्रदर्शन के साथ हुआ समापन
संस्था की कार्यक्रम सलाहकार अर्चना मलैया और अध्यक्ष डॉ. कामना कौस्तुभ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संगठन की वर्षभर की गतिविधियों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुकुल तिवारी और उमा मिश्रा ‘प्रीति’ ने प्रभावी ढंग से किया। अंत में अलका पटेल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में पाथेय समूह का विशेष योगदान रहा।








