ईरान युद्ध से पाकिस्तान पर संकट गहराया, पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए शहबाज सरकार ने बढ़ाई सख्ती

ईरान युद्ध से पाकिस्तान पर संकट गहराया, पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए शहबाज सरकार ने बढ़ाई सख्ती
जबलपुर, यश भारत। अमेरिका-ईरान के बीच समझौता न हो पाने और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। ऊर्जा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने देशव्यापी मितव्ययिता अभियान की अवधि बढ़ाकर 13 जून 2026 तक कर दी है। सरकार ने यह फैसला नाजुक युद्धविराम की स्थिति और तेल आपूर्ति पर पड़े असर को देखते हुए लिया है।पाकिस्तान सरकार ने पहली बार 9 मार्च को ईंधन बचत और सरकारी खर्चों में कटौती के लिए कई सख्त कदम लागू किए थे। अब कैबिनेट डिवीजन की ओर से जारी नई अधिसूचना में इन उपायों को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई है।
सरकार के प्रमुख फैसलों में सरकारी वाहनों के ईंधन भत्ते में 50 प्रतिशत कटौती शामिल है। हालांकि एंबुलेंस और सार्वजनिक बसों जैसी आवश्यक सेवाओं को इससे छूट दी गई है। इसके अलावा 60 प्रतिशत सरकारी वाहनों को बंद रखने और राष्ट्रीय हित से जुड़े जरूरी मामलों को छोड़कर विदेशी दौरों पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय भी जारी रहेगा।
पाकिस्तान अपनी तेल जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया पर काफी हद तक निर्भर है। ईरान से जुड़े युद्ध और आपूर्ति बाधित होने के कारण पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिससे प्रशासनिक कामकाज और आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव जल्द नहीं थमा, तो पाकिस्तान को और कड़े आर्थिक फैसले लेने पड़ सकते हैं।







