परिसीमन : पहले चरण में जनपद, निकाय और तहसीलों से शुरूआत, दूसरे चरण में विधानसभा और लोकसभा सीटों का होगा निर्धारण, कटनी में एक विधानसभा सीट बढऩे के आसार, लोकसभा क्षेत्र भी बदल सकता, जनप्रतिनिधियों की पैनी नजर, मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की बैठक

कटनी, यशभारत। लोकसभा और विधानसभा सीटों के नए सिरे से परिसीमन के पहले जिले के भौगोलिक और प्रशासनिक ढांचे में संभावित बदलाव का अध्ययन शुरू कर दिया गया है। कल प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की कटनी में हुई अहम बैठक में जिले की सीमाओं में बदलाव की आवश्यकताओं से लेकर तहसीलों, जनपदों और नगरीय निकाय की वर्तमान भौगोलिक परिस्थितियों पर चर्चा की गई। इसके पहले वर्ष 1982 में यह कवायद की गई थी। सरकार का मानना है कि तहसीलों के पुनर्गठन से राजस्व, नामांतरण, जाति, आय प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी मामलों सहित अन्य प्रशासनिक सेवाएं लोगों को आसानी से मिल सकेंगी। आम जनता को अपने राजस्व या प्रशासनिक कार्यों के लिए बहुत दूर न जाना पड़े। सूत्र बताते हैं कि तहसीलों पर वर्किंग करने के बाद जिले की सीमाओं का पूरा खाका तैयार होगा और इसके बाद विधानसभा क्षेत्रों और लोकसभा क्षेत्र के नए सिरे से परिसीमन का रास्ता खुलेगा। कटनी में एक विधानसभा सीट बढऩे के आसार हैं, जबकि लोकसभा क्षेत्र भी बदल सकता है। इस पूरी कवायद पर जिले के जनप्रतिनिधियों की पैनी नजर है।
औद्यौगिक क्षेत्र एवं भौगोलिक दूरी का रखा जाएगा ध्यान
जनपद एवं तहसील की सीमाओं के परिसीमन को और अधिक जनोन्मुखी बनाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा जनता को सुविधा दिलाई जा सके। नवीन प्रशासनिक इकाई के लिए मार्गदर्शी सिद्धांत बनाये गये है। नये परिसीमन में यह आवश्यक रूप से देखा जायेगा कि जनसंख्या का संतुलन हो। परिसीमन में जनसंख्या, औद्यौगिक क्षेत्र एवं भौगोलिक दूरी अनिवार्य रूप से ध्यान रखा जायेगा। इसके साथ ही प्रस्तावित इकाईयों को सुविधा की दृष्टि से पुनर्गठन के संबंध में विस्तार से निर्देश दिए गए। उन्होंने प्रश्नावली को पब्लिक डोमेन में लाकर उसके जबाव तैयार कर सुझाव लिये जायेगें। जिसकी समीक्षा राजस्व स्तर पर की जायेगी। यदि भौगोलिक गठन चाहते है तो बताना पडेगा कि तहसील एवं गांव किस जिले के करीब है। नये प्रशासनिक इकाई गठन में यह सभी बातें शामिल की जायेगी।
कलेक्टर को भेजें राजस्व सीमाओं के पुनर्गठन का प्रस्ताव
बैठक में आयोग के अध्यक्ष एस एन मिश्रा ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक इकाई के पुनर्गठन के पहले जनप्रतिनिधियों एवं आमजन से चर्चा कर उनकी राय लेकर आपस में समन्वय स्थापित करके राजस्व सीमाओं के पुनर्गठन का प्रस्ताव कलेक्टर को प्रेषित करें। कलेक्टर प्राप्त प्रस्तावों पर विचार करके अपने सुझाव एवं निर्णय से आयोग को अवगत कराएंगे। पुनर्गठन के पूर्व जनप्रतिनिधियों एवं सभी अधिकारियों से अलग. अलग चर्चा की जाए। चर्चा के दौरान बिजली, पानी, सडक़, शिक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। श्री मिश्रा ने बताया कि भौगोलिक परिस्थितियों एवं जन अपेक्षाओं के आधार पर और अधिक जनोन्मुखी एवं सुलभ प्रशासन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्तमान संरचना, युक्तियुक्तकरण, नवीन प्रशासनिक इकाईयों के गठन के लिए मार्गदर्शी सिद्धांतो सहित जिलों का भ्रमण कर सुझाव प्राप्त करना एवं इकाईयों की दक्षता बढाने हेतु अनुशंसा करना है।
आर्थिक गतिविधियों एवं संसाधनों की उपलब्धता पर फोकस
सचिव अक्षय कुमार सिंह ने मप्र प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के कार्य करने की पद्धति के बारे में जानकारी दी। आयोग के सदस्य मुकेश शुक्ला ने पोर्टल की प्रश्नावली को भरे जाने, प्रशासकीय प्रश्नावली पदों की स्थिति एवं आवश्यकता, भौगोलिक कारक, प्राकृतिक सीमाएं, आवागमन क्षेत्रफल, अंधोसंरचनात्मक बुनियादी सुविधाएं, प्रशासनिक अमला एवं दक्षता, आर्थिक गतिविधियां, संसाधनों की उपलब्धता, जनसंख्या का आकार और घनत्व, सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक और सामाजिक कारक, सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था के संबंध में से जानकारी दी।
पोर्टल में दे सकेंगे सुझाव
आयोग के अध्यक्ष एस एन मिश्रा ने कहा कि प्रशासनिक पुर्नगठन का उद्देश्य जनोन्मुखी सुलभ प्रशासन हो। जिले की नई तहसील या ग्राम पंचायत बनाते समय उसकी सीमा में जिले में शामिल करने से पहले उस स्थान की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, अधोसंरचना ढांचा, मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। आयोग के पोर्टल 222.द्वश्चड्डह्वह्म्ष्.द्वश्च.द्दश1.द्बठ्ठ के माध्यम से प्रशासकीय इकाइयों के पुनर्गठन के लिए सुझाव प्रस्तुत किए जा सकते हैं। पोर्टल के माध्यम से जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों पर कलेक्टर विचार कर अपनी अनुशंसा सहित आयोग को भेजेंगे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम आयुक्त, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम, उपसंचालक पशुपालन, सीएमएचओ ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
आयोग की मंशानुरूप भेजेंगे प्रस्ताव : कलेक्टर
कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि आयोग द्वारा दिए गए निर्देशानुसार सभी आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर आयोग की मंशानुरूप प्रस्ताव भिजवाये जाने की कार्यवाही की जायेगी। इसके पहले सचिव अक्षय सिंह की अध्यक्षता में कटनी तहसील कार्यालय में भी तहसील स्तरीय बैठक में सारगर्भित चर्चा हुई और कई महती सुझाव प्राप्त हुये।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, निगमायुक्त तपस्या परिहार, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, सहायक कलेक्टर श्लोक वाइकर, संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र पटेल एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।







