चिकित्सा का नया कीर्तिमान: बिना ऑपरेशन के इलाज, ‘इंटरवेंशनल तकनीक’ से बचाई जान

सागर यश भारत संभागीय ब्यूरो)/ बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता अर्जित करते हुए एक अत्यंत गंभीर मरीज को जीवनदान दिया है। यहाँ के रेडियोलॉजी, सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने आधुनिक ‘इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी तकनीक’ का उपयोग कर बिना किसी बड़े ऑपरेशन के मरीज का सफल उपचार किया है।
नाजुक स्थिति में पहुँचा था मरीज
यश भारत के संभागीय ब्यूरो को मिली जानकारी के अनुसार मरीज पिछले एक महीने से ‘मल्टीपल लिवर एब्सेस’ (लिवर में मवाद के कई घाव) और ‘सेप्टीसीमिया’ (खून में फैला गंभीर संक्रमण) की गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था। संक्रमण शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने के कारण मरीज की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई थी। सामान्यतः ऐसे मामलों में बड़ा ऑपरेशन (सर्जरी) करना पड़ता है, जो बेहद जोखिम भरा होता है।
तकनीक बनी वरदान
बीएमसी के विशेषज्ञों ने जोखिम कम करने के लिए आधुनिक ‘इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी’ का सहारा लिया। इस अत्याधुनिक प्रक्रिया में बिना किसी बड़े चीरे या टांके के, इमेजिंग गाइडेंस के जरिए सीधे प्रभावित हिस्से से संक्रमण को बाहर निकाला गया। इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि मरीज को बड़े ऑपरेशन के दर्द से मुक्ति मिली और उसे अस्पताल में भी कम समय रुकना पड़ा।
इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाने में बीएमसी के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम का विशेष योगदान रहा। टीम में प्रमुख रूप से रेडियोलॉजी विभाग से डॉ. वृषभान अहिरवार, एनेस्थीसिया विभाग से एचओडी डॉ. सर्वेश जैन, सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. दीपक श्रीवास्तव तथा सहयोगी टीम में डॉ. तनु, डॉ. आकाश एवं अन्य स्टाफ शामिल रहे।
महानगरों जैसा इलाज अब सागर में निःशुल्क
बीएमसी प्रबंधन ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहले इस प्रकार के उपचार के लिए मरीजों को बड़े महानगरों के चक्कर काटने पड़ते थे और निजी अस्पतालों में लाखों रुपए खर्च होते थे। अब बीएमसी में यह अत्याधुनिक सुविधा निःशुल्क या बेहद कम खर्च पर उपलब्ध है। मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई दी है, जो समूचे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।







