फ्लाईओवर के जॉइंट्स से हटाई जा रही अतिरिक्त कंक्रीट,कई स्थानों पर छूट गई है स्लरी बन सकती है हादसों की वजह
सभी ज्वाइंटों में यही हाल

यश भारत, जबलपुर। मंगलवार को टेलीग्राफ फैक्ट्री के पास हुए हादसे के बाद शहर के फ्लाईओवर में जॉइंट हिस्सों पर जमा अतिरिक्त कंक्रीट (स्लरी) हटाने का काम दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को इसी अतिरिक्त कंक्रीट के गिरने की घटना के बाद लोक निर्माण विभाग हरकत में आया और संबंधित ठेकेदार को तत्काल इसे हटाने के निर्देश दिए गए।
जांच में सामने आया कि सेंटरिंग के दौरान बचा अतिरिक्त कंक्रीट समय पर नहीं हटाया गया, जिसके कारण यह नीचे गिरा। अब यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि जब निर्माण के दौरान ही इसे हटाया जाना था, तो उस समय लापरवाही क्यों बरती गई। यदि पहले ही चिपिंग कर दी जाती, तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था। गनीमत रही कि घटना के वक्त नीचे कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा गंभीर हादसा हो सकता था।
लोक निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर शिवेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अतिरिक्त कंक्रीट (स्लरी) है और ब्रिज के निर्माण या गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि जहां-जहां इस तरह का अतिरिक्त कंक्रीट लगा हुआ है, उसे हटाने के लिए संबंधित कंपनी को निर्देशित किया गया है और कार्य जारी है।
पहले ही होना थी सफाई
हालांकि, सुधार कार्य के साथ-साथ अब जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते अतिरिक्त कंक्रीट हटा दिया जाता, तो इस तरह की स्थिति पैदा ही नहीं होती। फिलहाल विभाग गुणवत्ता पर किसी कमी से इंकार कर रहा है, लेकिन निगरानी में हुई चूक पर सवाल बरकरार हैं।
सभी ज्वाइंटों में यही हाल
फ्लाईओवर पर जॉइंट हिस्सों में जमा अतिरिक्त कंक्रीट (स्लरी) केवल मदन महल क्षेत्र तक सीमित नहीं हो सकती, बल्कि पूरे ब्रिज में विभिन्न स्थानों पर इस तरह की स्थिति मौजूद होने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार निर्माण के दौरान सेंटरिंग के बाद बची सामग्री यदि समय पर नहीं हटाई जाती, तो वह भविष्य में खतरा बन सकती है। ऐसे में आवश्यक है कि पूरे फ्लाईओवर का विस्तृत निरीक्षण किया जाए और जहां-जहां अतिरिक्त स्लरी या कंक्रीट जमा है, उसे प्राथमिकता से हटाया जाए। यदि इसे नजरअंदाज किया गया, तो कभी भी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।







