वीआईपी कोटे में बड़ा खेल,रेलवे अफसर के पीए ने पुराने साइन से कन्फर्म कराए वेटिंग टिकट, सस्पेंड
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज

वीआईपी कोटे में बड़ा खेल,रेलवे अफसर के पीए ने पुराने साइन से कन्फर्म कराए वेटिंग टिकट, सस्पेंड
जबलपुर,यशभारत। पश्चिम मध्य रेलवे में वीआईपी कोटे के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (सीसीएम) के निज सचिव अमित कुमार आनंद को टिकट गड़बड़ी के गंभीर आरोपों में निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि वह वरिष्ठ अधिकारियों के पुराने सिफारिशी पत्रों में हेरफेर कर वेटिंग टिकटों को कन्फर्म करवाता था।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज
मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब वीआईपी कोटे से जुड़े संदिग्ध सिफारिशी पत्रों को लेकर दिल्ली के अधिकारियों ने जबलपुर मुख्यालय से सत्यापन कराया। जांच में कई पत्र अनधिकृत पाए गए। इसके बाद गहन जांच शुरू हुई, जिसमें अमित कुमार आनंद की भूमिका सामने आई। रेलवे प्रशासन ने उसके खिलाफ चार्जशीट जारी कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
सिस्टम में सेंध लगाकर किया खेल
रेलवे में वीआईपी कोटे के तहत वेटिंग टिकट कन्फर्म कराने की विशेष व्यवस्था होती है। इसमें सीसीएम की मंजूरी से सिफारिशी पत्र जारी होते हैं और उनका समन्वय निज सचिव करता है। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर आरोपी ने सिस्टम में हेरफेर कर फर्जीवाड़ा किया।
पुराने अधिकारियों के साइन का इस्तेमाल
जानकारी के अनुसार, आनंद पहले सीसीएम (ट्रेड एंड मार्केटिंग) अजय प्रकाश के निज सचिव थे। उनके रिटायर होने के बाद वह सीसीएम (पैसेंजर मार्केटिंग) राजेश शर्मा के कार्यालय से जुड़ गया। आरोप है कि उसने दोनों अधिकारियों के पुराने सिफारिशी पत्रों और हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर वीआईपी कोटे से टिकट कन्फर्म कराए।







