प्रशासनिक अनदेखी से भड़के किसान, एसडीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन डेरा डालो आंदोलन शुरू

प्रशासनिक अनदेखी से भड़के किसान, एसडीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन डेरा डालो आंदोलन शुरू
गेहूं स्लॉट बुकिंग, सीमांकन और जमीन अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर समाधान न होने से आक्रोश; पटवारियों को गांवों में बैठाने की मांग
भोपाल, यशभारत। राजधानी के एमपी नगर स्थित एसडीएम कार्यालय परिसर में सोमवार को उस समय गहमागहमी बढ़ गई, जब बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर वहां डेरा डाल दिया। भारतीय किसान संघ (तहसील हुजूर) के नेतृत्व में जुटे किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि राजस्व विभाग की लापरवाही के कारण वे महीनों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई निराकरण नहीं हो रहा।
राजस्व प्रकरणों का अंबार, परेशान अन्नदाता
किसान नेता कुबैर सिंह राजपूत ने बताया कि एमपी नगर और हुजूर तहसील के किसानों को कई तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग की है। इसके अलावा, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और फार्मर आईडी बनाने जैसे मामले फाइलों में दबे हुए हैं। किसानों का कहना है कि इन देरी की वजह से उन्हें किसान सम्मान निधि और फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
जमीन अधिग्रहण पर तकरार
धरने पर बैठे किसानों ने सड़क निर्माण के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण का भी कड़ा विरोध किया है। किसानों का तर्क है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और उन्हें उचित मुआवजा मिलने में भी कठिनाइयां आ रही हैं। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी जमीन और फसल से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय नहीं होता, वे अपना डेरा नहीं हटाएंगे।







