अब नहीं डूबेगी मुंबई एआई निगरानी और हाईटेक पंपों के सहारे, बीएमसी का मास्टर प्लान तैयार
अब नहीं डूबेगी मुंबई

मुंबई, यश भारत। मुंबई में मानसून से पहले इस बार तैयारियां अलग स्तर पर पहुंच गई हैं। बृहनमुम्बई म्युनिसिपल कारपोरेशन (बीएमसी) ने जलभराव की पुरानी समस्या से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी और मैदानी व्यवस्था दोनों को मिलाकर बड़ा प्लान तैयार किया है।
हर साल बारिश में डूबने वाले इलाकों को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने फ्लड प्रोन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देवाटरिंग पंप तैनात करने की योजना बनाई है। ये पंप बारिश के दौरान सड़कों और निचले इलाकों में जमा पानी को तेजी से बाहर निकालने में मदद करेंगे।
इसके साथ ही नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई यानी डिजाइल्टीग का काम भी युद्धस्तर पर चल रहा है। नालों में जमा गाद पानी के बहाव को रोक देती है, जिससे भारी बारिश में जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। इस बार इस काम पर खास फोकस किया गया है।
सबसे बड़ा बदलाव एआई तकनीक का इस्तेमाल है। बीएमसी ने अपना खुद का आर्टिफिशल इंटेलीजेंस मॉडल विकसित किया है, जो डिजाइल्टीग कार्यों की निगरानी करेगा। यह सिस्टम काम की प्रगति को ट्रैक करेगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े को तुरंत चिन्हित करेगा। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब पहले डिजाइल्टीग कार्यों में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठ चुके हैं। अब एआई के जरिए पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
कुल मिलाकर, बीएमसी इस बार पूरी तैयारी के साथ मानसून का सामना करने के लिए तैयार है। अगर यह प्लान सफल रहा, तो मुंबईकरों को बारिश में होने वाली परेशानियों से काफी हद तक राहत मिल सकती है।







