अब रोबोट करेगा जटिल ऑपरेशन, बंसल हॉस्पिटल ने शुरू की अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सेवा

अब रोबोट करेगा जटिल ऑपरेशन, बंसल हॉस्पिटल ने शुरू की अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सेवा
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश की राजधानी अब चिकित्सा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर कदम रख चुकी है। भोपाल के बंसल हॉस्पिटल में दुनिया का सबसे आधुनिक सर्जिकल रोबोट मेड़बॉट टूमई आ गया है, जिससे अब बिना बड़े चीरे और बिना ज़्यादा दर्द के जटिल ऑपरेशन संभव होंगे। इस ऐतिहासिक सुविधा का औपचारिक उद्घाटन मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने हयात होटल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में किया। यह कार्यक्रम भारतीय चिकित्सा संघ ग्रेटर भोपाल के सहयोग से आयोजित किया गया।
उद्घाटन अवसर पर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बंसल हॉस्पिटल का यह कदम मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। अब प्रदेश के मरीजों को उन्नत इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई या हैदराबाद नहीं जाना पड़ेगा, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि मरीजों का आर्थिक बोझ भी कम होगा।
क्या है रोबोटिक सर्जरी और इसके फायदे
डॉ. संतोष अग्रवाल ने तकनीक की जानकारी देते हुए बताया कि रोबोटिक सर्जरी में सर्जन एक विशेष कंसोल पर बैठकर रोबोटिक हाथों को नियंत्रित करता है। स्क्रीन पर शरीर के अंदर का दृश्य 10 गुना बड़ा और 3डी में दिखाई देता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह इंसान के हाथों के प्राकृतिक कंपन को पूरी तरह खत्म कर देता है, जिससे सर्जरी की सटीकता शत-प्रतिशत रहती है। इसमें सिर्फ 1 सेंटीमीटर के छोटे छेद से ऑपरेशन होता है, जिससे रक्तस्राव बहुत कम होता है और मरीज महज तीन दिन में घर जाने लायक स्वस्थ हो जाता है।
उद्घाटन से पहले ही मिली सफलता
अस्पताल ने उद्घाटन से पहले ही अपनी क्षमता का प्रमाण दे दिया है। डॉ. संतोष अग्रवाल ने 60 वर्षीय प्रोस्टेट कैंसर पीड़ित का सफल ऑपरेशन किया, वहीं गायनेकोलॉजिक ऑन्को सर्जन डॉ. निधि नागर ने एंडोमेट्रियल कैंसर की सफल सर्जरी की। इसके अलावा डॉ. जुबेर खान और डॉ. कृपाशंकर तिवारी ने भी रोबोटिक तकनीक से मरीजों का सफल उपचार किया है।
इन बीमारियों का होगा सटीक इलाज
अस्पताल के प्रबंध निर्देशक सुनील बंसल ने बताया कि हमारे सर्जन पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित थे, अब तकनीक आने से कार्यक्षमता और बढ़ गई है। अब बंसल हॉस्पिटल में प्रोस्टेट, किडनी, ब्लैडर, गर्भाशय, ओवरी, कोलन और फेफड़ों के कैंसर के साथ-साथ हर्निया और गॉलब्लैडर जैसी जटिल सर्जरियां रोबोटिक पद्धति से की जा सकेंगी। इस सुविधा के शुरू होने से छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मरीजों को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।







