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कृषि वैज्ञानिक उत्पादन बढ़ाने बेहतर काम कर रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरा मोती ,कृषि मंथन तकनीकी नवाचारों और प्राकृतिक बड़ी पहल

कार्यक्रम स्थल से सृजन शुक्ला

जबलपुर, भारत। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश तथा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य अतिथ्य मे कृषि मंथन, 2026′ का आयोजन नवीन प्रशासनिक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है, विशेष रूप से कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों को नए दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान सदैव कृषि प्रधान देश के रूप में रही है, जहां खेती केवल आजीविका नहीं बल्कि हमारी संस्कृक्ति, परंपरा और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय चिंतन में ‘यथा पिंडे तथा ब्रह्मांडे’ की भावना निहित है,

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जिसका अर्थ है कि मनुष्य और प्रकृति के बीच गहरा संबंध है। हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्षों पहले ही प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर कृषि को जीवन का आधार बनाया। भीमबेटका की प्राचीन गुफाओं में मिले चित्र भी इस बात के प्रमाण हैं कि भारत में प्राचीन काल से ही कृषि आधारित जीवन पद्धति विकसित रही है। उन्होंने कहा कि गच्च आधारित जीवन प्रणाली में प्रकृक्ति के प्रति सम्मान शुरुआत, धरती माता को प्रणाम, तथा खेती-किसानी से जुड़े पर्व-त्योहार हमारे जीवन को प्रकृक्ति के साथ जोड़ते हैं। इसी कारण हमारे यहां कहा गया है- उत्तम खेती, मध्यम व्यापार , जो खेती के महत्व को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने देश के कृषि इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब भारत को खाद्यान्न के लिए अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के समय से शुरू हुए प्रयासों और आज वैज्ञानिकों के अनुसंधान के बल पर भारत ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

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आज हम न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि नई तकनीकों और अनुसंधानों के माध्यम से निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विकास की जो परिकल्पना की थी, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ाया। उन्होंने सरदर सरोवर बांध परियोजना उपयोग संभव हुआ और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में सिंचाई के नए अवसर बने। नर्मदा घाटी परियोजनाओं ने प्रदेश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कृषि केवल पारंपरिक गतिविधि नहीं रह गई है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के साथ जुड़कर किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रही है। सरकार किसानों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है ताकि वे आत्मनिर्भर बनें और कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित कर सकें।

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प्राकृतिक कृषि मॉडल काउंटर पर मौजूद वरिष्ठ वैज्ञानिक व कृषि विज्ञान केन्द्र की प्रमुख डॉ. रश्मि शुक्ला

प्राकृतिक कृषि मॉडल काउंटर पर मौजूद वरिष्ठ वैज्ञानिक व कृषि विज्ञान केन्द्र की प्रमुख डॉ. रश्मि शुक्ला ने मुख्यमंत्री को विस्तार से बताया कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती में गोबर, गोमूत्र, जीवामृत और घन जीवामृत जैसे संसाधनों का उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक मिट्टी की संरचना को सुधारती है, सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ाती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करती है। इसके परिणामस्वरूप उत्पादन लागत में कमी आती है और फसलों की गुणवत्ता तथा पोषण मूल्य में वृद्धि होती है, जो बाजार में बेहतर कीमत दिलाने में सहायक होता है।

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इंस्टीट्यूशनल कोलैबोरेशन, 7 विभाग, विश्वविद्यालय और कृषि तंत्र का समन्वित मंच कृषि मंथन 2026

तकनीकी नवाचारों और प्राकृतिक खेती के मॉडल से किसानों को सशक्त बनाने की बड़ी पहल

किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, मध्यप्रदेश तथा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में कृषि मंचन 2026 कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। यह मंच राज्य के कृषि तंत्र को एवधिकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां नीति निर्माताओं, कृषि वैज्ञानिकों, विस्तार अधिकारियों और किसानों केबीवसीया संवाद स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि कृषि दक्षेत्र में दीर्घरात्रलिक परिवर्तन के लिए ठोस रणनीति तैयार करना भी है।

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ट्रेडिशनल इनॉगरेशन प्रोटोकॉल, गौ आधारित शुभारंभ और भारतीय कृषि परंपरा का संदेश कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय कृषि संस्कृति के अनुरूप गौ-पूजन से की गई, जो प्रकृति और कृषि के पारंपरिक संबंध को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गाय को गुड़ खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह प्रतीकात्मक पहल न केवल आस्था से जुड़ी है, बल्कि प्राकृतिक और जैविक खेती के मूल सिद्धांतों, पशुपालन आधारित कृषि प्रणाली, को भी रेखांकित करती है। सस्टेनेवल एग्रीकल्चर मॉडल, पॉलिसी ओरिएंटेशन आयुनिक कृषि, वैल्यू चेन और मार्केट लिंकज पर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में खेती को केवल

उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जा सकता,  वल्कि उसे प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग से जोड़ना अनिवार्य है। उन्होंने तकनीकी नवाचार, डिजिटल कृषि, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्मार्ट फार्मिंग जैसे पहलुओं को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और नीतियों की जानकारी भी साझा की।
गवर्नेस रिप्रेजेंटेशन नीति निर्माताओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका कार्यक्रम में एदल सिंह कंसाना, प्रहलाद पटेल एवं राकेश सिंह की उपस्थिति ने इसे राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से और महत्वपूर्ण बना दिया। वहीं डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने अध्यक्षता करते हुए शिक्षा, अनुसंधान और खेत स्तर पर तकनीक के प्रभावी क्रियान्वयन के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

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कैपेसिटी बिल्डिंग इनिशिएटिव किसानों के कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर फोकस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है, जिसमें किसानों को उन्नत बीज, फसल प्रबंधन तकनीक, जल प्रबंधन, कोल्ड स्टोरेज सिस्टम और बाजार आधारित खेती की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही 1,000 से अधिक किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभकिया गया, जो उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक और सक्षम बनाएगा।

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विशेषज्ञों द्वाराएग्रीकल्चरल ट्रांसफॉर्मेशन विजन, टिकाऊ खेती और किसानों की आय वृद्धि का रोडमैपकृषि मंथन 2026 कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि को टिकाऊ, लाभकारी और तकनीक आधारित बनाना है। इसके माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और नई तकनीकों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार किया जाता है। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं, नवाचारों और कृषि सुधारों की जानकारी देकर किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, सांसद आशीष दुबे, सांसद सुमित्रा बाल्मीक, विधायक अजय विश्नोई, अशोक ईश्वर दास रोहाणी, सुशील तिवारी इंदू, अभिलाष पांडे, नीरज ठाकुर, संतोष चरकड़े, जिला भाजपा अध्यक्ष राजकुमार पटेल, नगर भाजपा अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू व अन्य लोग उपस्थित रहे। लाइव डेमो और केस स्टडी के माध्यम से किसानों को व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जा रहा है। एसी-टेक एक्सपो विजिट नवाचारों और तकनीकी प्रदर्शनों का प्रत्यक्ष अवलोकन मुख्यमंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्र के तहत आयोजित विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन किया,

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 जहां नवीन कृषि तकनीकों,

उपकरणों और मॉडलों को प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनियों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों को समझने और अपनाने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्राकृतिक और जैविक खेती से जुड़े स्टॉल्स पर अधिक समय बिताया और विशेषज्ञों से विस्तृत चर्चा की।

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