आरजीपीवी में फार्मेसी का पेपर परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर वायरल, 901 छात्रों के भविष्य पर संकट

आरजीपीवी में फार्मेसी का पेपर परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर वायरल, 901 छात्रों के भविष्य पर संकट
भोपाल, यशभारत। राजधानी के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में गोपनीयता की धज्जियां उड़ गई हैं। सोमवार को डिप्लोमा फार्मेसी सप्लीमेंट्री एग्जाम शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले हॉस्पिटल एंड क्लीनिकल फार्मेसी का पर्चा मोबाइल फोन पर दौड़ने लगा। जब परीक्षा खत्म हुई और वायरल पेपर का मिलान किया गया, तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए सोशल मीडिया पर वायरल सवाल और असली प्रश्न पत्र 100% एक जैसे थे।
10 बजे हाथ में आया पर्चा, 11 बजे शुरू हुआ एग्जाम
पूरक परीक्षा का पेपर सुबह 11 बजे शुरू होना था, लेकिन खेल 10 बजे ही शुरू हो गया। व्हाट्सएप ग्रुप्स पर पेपर की फोटो वायरल हो गई। ग्वालियर के आरएनएस कॉलेज से तो वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्र सेंटर के बाहर खड़े होकर मोबाइल से सवालों के जवाब रटते दिख रहे हैं। प्रदेशभर के 901 छात्र इस परीक्षा में बैठे थे, जिन्हें अब पेपर रद्द होने का डर सता रहा है।
अंदरखाने मिलीभगत की आशंका
पॉलीटेक्निक विंग के सचिव प्रतीक मानके ने माना है कि पेपर पूरी तरह सही पाया गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर स्ट्रॉन्ग रूम या प्रिंटिंग प्रेस की सुरक्षा में सेंध किसने लगाई? छात्र संगठनों का कहना है कि बिना अधिकारियों या केंद्र अध्यक्षों की मिलीभगत के पेपर का फोटो खींचकर बाहर भेजना नामुमकिन है।
लगातार हो रही किरकिरी
आरजीपीवी में यह कोई पहला मामला नहीं है। चार दिन पहले भोपाल पॉलीटेक्निक में भी ऐसी ही गड़बड़ी दिखी थी, वहीं बीटेक की परीक्षाओं में टॉयलेट्स से नकल की पर्चियां मिलना आम बात हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब मंगलवार को दोषियों पर एफआईआर और परीक्षा रद्द करने पर फैसला लेगा।







