नवरात्रि भंडारों में कमी, इंडक्शन की बढ़ी मांग,खाड़ी युद्ध का असर
ऑनलाइन डिलेवरी सर्विस पर असर

जबलपुर, यश भारत। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध का असर अब जबलपुर जिले में भी साफ दिखाई देने लगा है। खासकर नवरात्रि के दौरान होने वाले पारंपरिक भंडारों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। हर वर्ष जहां शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर भंडारे आयोजित होते थे, वहीं इस बार कई स्थानों पर भंडारे या तो सीमित रूप में किए गए हैं या पूरी तरह से टाल दिए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि रसोई गैस (एलपीजी) की बढ़ती कीमतों और समय पर सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं।
कई समितियों ने गैस की कमी के चलते बड़े पैमाने पर भोजन बनाने में असमर्थता जताई, जिसके कारण भंडारों का स्वरूप छोटा करना पड़ा। इसी बीच, युद्ध के चलते गैस आपूर्ति प्रभावित होने से शहर में एलपीजी संकट गहराता जा रहा है। स्थिति यह है कि एक महीने बाद भी लोगों को आसानी से सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कई इलाकों में उपभोक्ता घंटों लाइन में लगकर सिलेंडर लेने को मजबूर हैं, जबकि कुछ स्थानों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
भंडारों में आई कमी
नवरात्रि के दौरान जबलपुर जिले में हर वर्ष सैकड़ों स्थानों पर भंडारे आयोजित होते हैं, लेकिन इस बार इनकी संख्या में खासी कमी देखी गई है। जहां भंडारे हुए भी हैं, वहां सीमित लोगों के लिए ही व्यवस्था की गई। आयोजकों ने बताया कि गैस की अनुपलब्धता और बढ़ती लागत के चलते बड़े स्तर पर आयोजन संभव नहीं हो सका।
लकड़ी से बने भंडारे
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार सिलेंडर की कमी के चलते पारंपरिक तरीकों का सहारा लिया जा रहा है। कई गांवों में भंडारे लकड़ी के चूल्हों पर तैयार किए गए। ग्रामीणों का कहना है कि गैस की अनुपलब्धता के कारण उन्हें फिर से पुराने तरीकों की ओर लौटना पड़ा है, जिससे समय और श्रम अधिक लग रहा है, लेकिन परंपरा को बनाए रखने के लिए यह विकल्प अपनाया गया।
ऑनलाइन डिलेवरी सर्विस पर असर
रसोई गैस की कमी का असर अब शहर के होटल और पूड व्यवसाय पर भी साफदिखने लगा है। कई होटलों ने गैस की अनुपलब्धता के चलते अपने मीनू को सीमित कर दिया है, वहीं छोटे होटल अस्थायी रूप से बंद होने लगे हैं। संचालकों का कहना है कि सिलेंडर समय पर नहीं मिलने से नियमित संचालन संभव नहीं हो पा रहा। इसका असर ऑनलाइन पूड डिलीवरी पर भी पड़ा है। स्विग्गी, जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर में कमी आई है और कई रेस्टोरेंट्स ने अपने उपलब्ध व्यंजनों की संख्या घटा दी है, जिससे ग्राहकों के विकल्प सीमित हो गए हैं।
इंडक्शन की बढ़ी मांग
गैस संकट के चलते शहर में इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर इंडक्शन की बिक्री में अचानक उछाल आया है, जिससे कई जगह स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पहले दिए जा रहे डिस्काउंट भी अब हटा लिए गए हैं। जबलपुर की विभिन्न कैंटीनों में भी इंडक्शन की कमी देखी जा रही है, जिससे दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों के अनुसार, मांग बढ़ने के कारण सप्लाई पर दबाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। वहीं आम उपभोक्ता वैकल्पिक साधनों की तलाश में जुटे हुए हैं, जिससे बाजार में नए बदलाव देखने को मिल रहे हैं।







