एम्स के सामने निर्माणाधीन इमारत का छज्जा गिरा, 8 लोग घायल – दवा लेने आए मरीजों और परिजनों पर गिरा मलबा, एक बच्ची सहित दो की हालत गंभीर

एम्स के सामने निर्माणाधीन इमारत का छज्जा गिरा, 8 लोग घायल
– दवा लेने आए मरीजों और परिजनों पर गिरा मलबा, एक बच्ची सहित दो की हालत गंभीर
भोपाल, यश भारत । साकेत नगर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स के सामने शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे निर्माणाधीन एक निजी इमारत का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में नीचे खड़े करीब आठ लोग मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों में एक बच्ची और एक युवती की हालत गंभीर बताई जा रही है।
दवा लेने आए लोगों पर गिरा छज्जा
जानकारी के अनुसार एम्स के सामने सडाना मेडिकल स्टोर की चार मंजिला इमारत का निर्माण कार्य चल रहा है। इमारत के नीचे मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा था। शुक्रवार को एम्स में इलाज कराने आए कई मरीज और उनके परिजन दवाइयां लेने के लिए मेडिकल स्टोर पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक निर्माणाधीन इमारत का छज्जा टूटकर नीचे गिर गया, जिससे वहां खड़े लोग मलबे की चपेट में आ गए।
एक बच्ची और युवती गंभीर
लोगों ने बताया कि घटना बेहद अचानक हुई। छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा और वहां खड़े लोग संभल भी नहीं पाए। हादसे में एक छोटी बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत एम्स में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा एक युवती की पीठ में गंभीर चोट आई है। वहीं एक अन्य व्यक्ति को गिरते मलबे के साथ लोहे का सरिया लगने से चोट पहुंची है। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है।
मौके पर जुटी भीड़, मचा हड़कंप
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। कुछ देर के लिए क्षेत्र में दहशत और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
अवैध निर्माण के आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस इमारत का निर्माण हो रहा है, उसका कुछ हिस्सा नियमों के विपरीत बनाया जा रहा था। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई की जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। नागरिकों ने नगर निगम से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। घटना के बाद निर्माणाधीन भवन की सुरक्षा और निर्माण की वैधता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।







