मिडिल ईस्ट तनाव का असर: कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, वैश्विक बाजार में बढ़ी चिंता
आपूर्ति बाधित होने की आशंका

नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका से बाजार में चिंता का माहौल बन गया है।
सोमवार को अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड की कीमत 15.66 डॉलर की बढ़त के साथ 106.56 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जो करीब 17 प्रतिशत की तेजी दर्शाती है। वहीं ब्रेंट क्रूड भी 14.23 डॉलर की बढ़त के साथ 106.92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार तक कच्चे तेल की कीमतें लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई थीं।
विशेषज्ञों के अनुसार कीमतों में यह उछाल ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष के कारण आया है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए गए हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ऊर्जा विशेषज्ञों की चिंता खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है, जो दुनिया में कच्चे तेल की आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। यदि इस मार्ग पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है तो वैश्विक तेल बाजार में कीमतों में और तेज बढ़ोतरी हो सकती है।







