आत्मघाती प्रयासों की खौफनाक कड़ी: स्टेशन पर हमला, अस्पताल में छलांग

नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गंभीर हालत में इलाज के लिए लाए गए एक युवक ने अचानक ईएनटी विभाग की इमारत से छलांग लगा दी। इस अप्रत्याशित घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। छलांग से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल ऑर्थोपेडिक विभाग में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल उसकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर है।
रेलवे स्टेशन पर खुद पर किया जानलेवा हमला
जानकारी के अनुसार 32 वर्षीय प्रमोद मांझी, निवासी छपरा (बिहार), जबलपुर से बिहार जाने के लिए अपने साले राहुल के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचा था। इसी दौरान उसने अचानक अपने पास रखी ब्लेड से खुद का गला काट लिया। जीजा की हालत देखकर राहुल घबरा गया और तत्काल जीआरपी को सूचना दी।
प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल किया गया रेफर
सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उसे ईएनटी विभाग में भर्ती किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इलाज के दौरान युवक मानसिक रूप से अस्थिर नजर आ रहा था।
इलाज के बीच ईएनटी बिल्डिंग से लगाई छलांग
अस्पताल में भर्ती रहते हुए युवक ने अचानक ईएनटी विभाग की बिल्डिंग से छलांग लगा दी। घटना होते ही डॉक्टरों, नर्सों और सुरक्षा कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घायल को संभालकर नीचे लाया गया।
हाथ, पैर और कमर में आई गंभीर चोटें
बिल्डिंग से गिरने के कारण युवक के हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। उसे स्ट्रेचर पर तत्काल ऑर्थोपेडिक विभाग में शिफ्ट किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी की जाती तो यह हादसा रोका जा सकता था। अस्पताल प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच के संकेत दिए हैं।
पुलिस जांच में जुटी
वहीं पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। आत्मघाती कदम उठाने के पीछे के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस युवक और उसके परिजनों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल युवक का इलाज जारी है।







