सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाली या शेयर की तो खैर नहीं, भोपाल पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेश

सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाली या शेयर की तो खैर नहीं, भोपाल पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेश
भोपाल, यशभारत। शहर में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने और सोशल मीडिया के जरिए उन्माद फैलाने वाले तत्वों पर पुलिस ने नकेल कस दी है। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले दो महीने तक प्रभावी रहेगा।
ग्रुप एडमिन की होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर यदि कोई आपत्तिजनक, धार्मिक या जातिगत विद्वेष फैलाने वाला संदेश साझा किया जाता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी ग्रुप एडमिन की होगी। एडमिन को ऐसे संदेशों को रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी बनाया गया है।
भड़काऊ कंटेंट को लाइक और शेयर करना भी अपराध
पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
सख्त मनाही: किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक फोटो, वीडियो या ऑडियो मैसेज प्रसारित करना प्रतिबंधित है।
डिजिटल फुटप्रिंट: भड़काऊ पोस्ट को केवल डालना ही नहीं, बल्कि उसे लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी अब अपराध की श्रेणी में आएगा।
भ्रामक तथ्य: तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाले और अफवाह फैलाने वाले संदेशों पर पुलिस की साइबर टीम पैनी नजर रखेगी।
साइबर कैफे के लिए नए नियम
आदेश में साइबर कैफे संचालकों के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। अब किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना वैध पहचान पत्र (आधार, पैन कार्ड, वोटर आईडी आदि) के इंटरनेट इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। संचालकों को आने वाले हर व्यक्ति का नाम, पता और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करना होगा। साथ ही, कैफे में वेब कैमरा लगाना अनिवार्य होगा ताकि उपयोगकर्ता की फोटो रिकॉर्ड में रहे।
उल्लंघन पर होगी जेल
पुलिस कमिश्नर ने आदेश में चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और संभावित ‘सोशल मीडिया वॉर’ को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।







