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पर्याप्त संख्या बल के बावजूद कॉंग्रेस नहीं बना सकी चंद्रपुर मनपा में महापौर

मेयर पद हाथ से जाने पर आलाकमान सख्त

चंद्रपुर,यश भारत

चंद्रपुर महानगरपालिका में पर्याप्त समर्थन होने के बावजूद कांग्रेस मेयर पद हासिल करने में असफल रही। इस अप्रत्याशित हार के बाद पार्टी आलाकमान ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। दिल्ली में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सपकाल को एक सप्ताह के भीतर पूरी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नगरसेवकों की संख्या बहुमत के करीब बताई जा रही थी। पार्टी को उम्मीद थी कि मेयर पद पर उसका उम्मीदवार आसानी से जीत दर्ज करेगा, लेकिन अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदल गए और विपक्षी दल भाजपा के प्रत्याशी ने बाजी मार ली। नतीजों के सामने आते ही कांग्रेस के भीतर स्थानीय नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

इस हार के बाद जिला संगठन की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते समन्वय बैठकें और ठोस रणनीति बनाई जाती, तो परिणाम अलग हो सकता था। स्थानीय स्तर पर गुटबाजी और असंतोष को भी इस हार का प्रमुख कारण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में जिम्मेदार नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला प्रदेशाध्यक्ष की रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।

■ भाजपा की रणनीति रही कारगर

भाजपा की इस रणनीतिक सफलता के पीछे वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार की भूमिका अहम मानी जा रही है। मुनगंटीवार ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा—किसी के पास भी स्पष्ट बहुमत नहीं था, लेकिन भाजपा ने मौके का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि पहली बैठक कांग्रेस नेता राहुल पुगलिया के घर पर हुई थी, जहां भाजपा को सहयोग का भरोसा मिला। अंततः इसी रणनीति के तहत भाजपा अपना मेयर बनाने में सफल रही।

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