भोपालमध्य प्रदेश

कहीं अपनों ने दिए गहरे जख्म, तो कहीं रील के जुनून ने छीनी जिंदगी; अपराध के साये में बीता राजधानी का साल 2025

कहीं अपनों ने दिए गहरे जख्म, तो कहीं रील के जुनून ने छीनी जिंदगी; अपराध के साये में बीता राजधानी का साल 2025

विदा हो रहे साल ने भोपाल की रूह को झकझोरा 

मामूली रंजिश और क्षणिक आवेश ने उजाड़ दिए कई हंसते-खेलते परिवार,
ड्रग्स’ और’ डिजिटल अरेस्ट के नए खतरों से दहल उठी झीलों की नगरी।

 अरविंद कपिल

भोपाल। साल 2025 अब अपनी खट्टी-मीठी यादों की पोटली समेटकर विदाई की दहलीज पर खड़ा है। लेकिन यादों के इस झरोखे में भोपाल के लिए कुछ जख्म ऐसे भी हैं जो शायद कभी नहीं भरेंगे। यह साल सिर्फ कैलेंडर बदलने का गवाह नहीं बना, बल्कि इसने राजधानी में अपराध के वो डरावने चेहरे देखे, जिन्होंने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। जनवरी की कड़ाके की ठंड से लेकर दिसंबर की ठिठुरन तक, भोपाल ने इस साल रिश्तों का कत्ल, रील का जानलेवा जुनून और नशे के उस काले कारोबार को देखा, जिसने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया।

​लहूलुहान हुए रिश्ते: जब अपनों के हाथ ही खून से सने
​साल 2025 में रिश्तों की पवित्रता कई बार तार-तार हुई। मामूली विवादों ने जघन्य हत्याकांडों का रूप ले लिया। साल की शुरुआत ही खौफनाक रही, जब जनवरी में मिसरोद में एक सीआरपीएफ जवान ने अपनी पत्नी पर सरकारी इंसास राइफल से गोलियां बरसाने के बाद खुद को भी उड़ा लिया। मई में अरेरा हिल्स में रिश्तों की कत्लगाह सजी, जहाँ महज एक ‘जींस पैंट’ पहनने के विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई का गला रेत दिया। वहीं, सितंबर में संपत्ति के लालच में एक कलयुगी बेटे ने अपने वृद्ध पिता की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। चरित्र पर शक के चलते एक पति द्वारा अपनी नवविवाहिता पत्नी की हत्या कर लाश के टुकड़े रेलवे ट्रैक पर फेंकने की घटना ने शहर को दहला दिया।

रील का जानलेवा क्रेज और रफ्तार का कहर
​आधुनिकता और सोशल मीडिया की अंधी दौड़ इस साल युवाओं के लिए काल साबित हुई। भोपाल की कोलार और इनायतपुरा नहरें इस साल ‘मौत का जाल’ बनी रहीं। 16 जनवरी को रील बनाते समय कार नहर में गिरने से दो दोस्तों की मौत हो गई, तो वहीं 17 अप्रैल को एयर इंडिया की एयर होस्टेस हर्षिता शर्मा की कार भी इसी तरह हादसे का शिकार हुई। रफ्तार के जुनून ने इंदौर-भोपाल हाईवे पर एक कार के दो टुकड़े कर दिए, जिसमें तीन दोस्तों की सांसें थम गईं।

​नशे का ‘नर्क’ और बुलडोजर न्याय
​साल 2025 भोपाल में नशे के कारोबार के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई का गवाह बना। जगदीशपुरा में 92 करोड़ की एमडी ड्रग्स फैक्ट्री के भंडाफोड़ ने यह साबित कर दिया कि अपराधी शहर को नशे की मंडी बनाने की साजिश रच रहे थे। इसके अलावा, ‘लव जिहाद’ और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं ने भी शहर की फिजा खराब की। प्रशासन ने इन अपराधियों के अवैध साम्राज्यों पर बुलडोजर चलाकर कड़ा संदेश दिया।

ऐतिहासिक एक्शन: 1200 जवानों ने घेरा ईरानी डेरा
​दिसंबर में भोपाल पुलिस ने कुख्यात ‘ईरानी डेरे’ पर अब तक की सबसे बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की। 1200 पुलिस कर्मियों ने एक साथ दबिश देकर अपराधियों के इस सुरक्षित गढ़ को ध्वस्त कर दिया। इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी और उनके अवैध निर्माणों पर चले बुलडोजर ने यह साफ कर दिया कि अब अपराधियों की कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बचेगी।

​’डिजिटल अरेस्ट’ और साइबर ठगी का नया साया
​साल के अंतिम महीनों में भोपाल के संभ्रांत परिवारों के लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ सबसे बड़ा खौफ बनकर उभरा। ठगों ने पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों को उनके ही घरों में कैद किया और लाखों की चपत लगाई। इसने भोपाल पुलिस के लिए तकनीकी मोर्चे पर एक नई और कठिन चुनौती पेश की है।

अपराधियों में खौफ और जनता में विश्वास ही हमारी प्राथमिकता: पुलिस कमिश्नर
इनका कहना है….
​साल 2025 भोपाल पुलिस के लिए चुनौतियों का साल रहा है। कुछ घटनाओं ने समाज को झकझोर कर रख दिया, विशेषकर वे मामले जहाँ ‘क्षण‍कि आवेश’ के कारण जघन्य अपराध हुए। हमने इस साल ‘ड्रग्स माफिया’ और ‘संगठित अपराध’ की कमर तोड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करने के लिए हमने बुलडोजर कार्रवाई और जिला-बदर जैसे सख्त कदम उठाए हैं। आने वाले साल में हमारी प्राथमिकता ‘साइबर सुरक्षा’ और युवाओं को नशे के जाल से बचाना है। भोपाल पुलिस शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पुलिस कमिश्नर- हरिनारायणचारी मिश्र

साल 2025 का खौफनाक ‘क्राइम ग्राफ

बेटियों पर प्रहार: शारिक मछली कांड-यौन शोषण, नशा और ब्लैकमेलिंग का बड़ा खुलासा।

जगदीशपुरा में 92 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री, अंतरराष्ट्रीय तस्करी का भंडाफोड़।

वेब सीरीज ‘क्राइम पेट्रोल देखकर साढ़ू भाई ने मुंबई से आकर की सोनू की हत्या।

स्कूल बस के ब्रेक फेल होने से लेडी डॉक्टर आयशा खान की दर्दनाक मौत।

सेना की फायरिंग रेंज में 400 फीट ऊपर से डमी बम गिरने से जवान विजय सिंह शहीद।

भारी बारिश के दौरान खुले नाले में बहने से 7 साल के मासूम की मौत।

शराब के नशे में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष ने सुरक्षा पर उठाए सवाल।

मछली परिवार की 10 करोड़ की कोठी और ईरानी डेरे के मकान जमींदोज

कोलार के निर्माणाधीन मकान में मिला बोरी बंद शव, पुलिस के हाथ खाली।

डिजिटल अरेस्ट के जरिए राजधानी में करोड़ों की ठगी।

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