
तेंदुए को फसाने रखा मुर्गा कुत्तों का शिकार
वन विभाग डाल रहा चारा, इंसान कर रहे गायब
जबलपुर, यशभारत। जिले से करीब 30 किलोमीटर दूर कटंगी के समीप मुरई ग्राम में तेंदुए की दहशत के बीच वन विभाग का लगाया गया पिंजरा खुद ही सवालों के घेरे में आ गया। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में रखा गया जीवित मुर्गा तेंदुए के आने से पहले ही पहले श्वानों और फिर कथित तौर पर इंसानों का निवाला बन गया। इस घटनाक्रम ने पूरे गांव में कौतूहल और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, मुरई ग्राम में तीन दिन पहले एक मजदूर पर तेंदुए ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद वन विभाग ने उसी स्थान पर तेंदुए को पकड़ने के उद्देश्य से पिंजरा लगाया और उसमें जीवित मुर्गा बांधा गया, ताकि उसकी ओर आकर्षित होकर तेंदुआ पिंजरे में फंस सके। लेकिन सुबह जब ग्रामीणों ने पिंजरे की ओर ध्यान दिया तो पाया कि पिंजरा तो मौजूद है, लेकिन उसमें रखा मुर्गा गायब है। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने रात के दौरान मुर्गे को निकाल लिया।

इसके बाद वन विभाग की टीम ने गांव के स्कूल के पास दोबारा पिंजरा लगाकर उसमें मुर्गा रखा, लेकिन वहां भी हालात कुछ अलग नहीं रहे। बताया गया कि रात में आवारा श्वानों ने मौका पाकर मुर्गे को अपना निवाला बना लिया। हैरानी की बात यह रही कि सुबह पिंजरे में मुर्गे के अवशेष तक नहीं मिले, जिससे पूरे अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए।
घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि पिंजरे की निगरानी ही नहीं हो पा रही है, तो तेंदुए को पकड़ने का अभियान कैसे सफल होगा। फिलहाल तेंदुआ अब भी खुले में बताया जा रहा है और गांव में दहशत
का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि पिंजरे की लगातार निगरानी, कैमरे और सुरक्षा व्यवस्था के साथ ठोस प्रयास किए जाएं, ताकि तेंदुए को जल्द पकड़ा जा सके।







