भोपालमध्य प्रदेश

विकास और विरासत के दो वर्ष: MP में नक्सलवाद खत्म, मेट्रो और रिवर लिंकिंग पर फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गिनाईं उपलब्धियां; बोले- अब प्राइवेट से ज्यादा वेतन देकर सरकारी सेवा में लाएंगे एक्सपर्ट डॉक्टर

विकास और विरासत के दो वर्ष: MP में नक्सलवाद खत्म, मेट्रो और रिवर लिंकिंग पर फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गिनाईं उपलब्धियां; बोले- अब प्राइवेट से ज्यादा वेतन देकर सरकारी सेवा में लाएंगे एक्सपर्ट डॉक्टर

भोपाल, यशभारत: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद के उन्मूलन को सबसे बड़ी उपलब्धि बताया और शहरी विकास, नदी जोड़ो अभियान, और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों पर विस्तार से बात की। कार्यक्रम में ‘विकास और सेवा के दो वर्ष’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वीकार किया कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ से लगे हमारे कई इलाके नक्सलवाद से प्रभावित थे, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की डेडलाइन और हमारे जवानों के साहस से यह समस्या खत्म हुई।” उन्होंने मंडला, बालाघाट और डिंडोरी में नक्सल समस्या के खात्मे को बड़ी उपलब्धि बताते हुए बलिदान देने वाले जवानों और नागरिकों को सलाम किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सिस्टम को इतना मजबूत बनाया जाएगा कि यह समस्या दोबारा न उठे।

नदी जोड़ो अभियान और शिप्रा शुद्धिकरण
जल संसाधन पर बोलते हुए सीएम ने पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख किया, जिससे राजस्थान और मध्य प्रदेश दोनों को लाभ मिलेगा।
सबसे महत्वपूर्ण घोषणा उज्जैन की शिप्रा नदी को लेकर की गई। सीएम ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान शिप्रा में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 800 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। उन्होंने गंभीर और खान नदी को टनल के माध्यम से जोड़कर राज्य के अंदर नदी जोड़ो अभियान शुरू करने की जानकारी भी दी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में वेतन क्रांति
डॉक्टरों की कमी पर सीएम मोहन यादव ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज तेजी से खुल रहे हैं, जिसके लिए मैनपॉवर चाहिए। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है: “हम प्राइवेट सेक्टर से ज्यादा वेतन देकर एक्सपर्ट डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं में आगे लाएंगे।

प्रदेश बनेगा मेट्रोपॉलिटन हब
शहरी विकास को गति देने के लिए ‘मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025’ को मंजूरी दी गई है। इसके तहत इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन सिटी घोषित किया गया है।

दो बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित होंगे:
इंदौर-उज्जैन-देवास-धार
भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा
मेट्रो परिचालन की समय सीमा: इंदौर मेट्रो मई 2025 में, जबकि भोपाल मेट्रो दिसंबर 2025 में शुरू होगी।

बड़े औद्योगिक और विरासत मुद्दे हल
सीएम ने कहा कि सरकार ने लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को पूरा किया है:
भोपाल गैस त्रासदी: गैस त्रासदी के कचरे का निष्पादन किया गया।
हुकुम चंद मिल, इंदौर: बकाया में उलझी मिल का निराकरण होने के बाद अब यहां 70 से 80 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट लगेगा।
सागर खाद कारखाना: कारखाना चालू होने से यूरिया और खाद की आपूर्ति में आसानी होगी।
डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के विचार
कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ सरकार विकास और विरासत दोनों पर विशेष ध्यान दे रही है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि ये दो वर्ष अच्छे शासन, पारदर्शिता और त्वरित निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने की बात भी कही।

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