हमीदिया अस्पताल परिसर में डस्टबिन से दो नवजात बच्चों के अधजले शव बरामद
कचरे में आग लगने से हुआ खुलासा; डीएनए जांच शुरू, हत्या या लापरवाही की आशंका

हमीदिया अस्पताल परिसर में डस्टबिन से दो नवजात बच्चों के अधजले शव बरामद
कचरे में आग लगने से हुआ खुलासा; डीएनए जांच शुरू, हत्या या लापरवाही की आशंका
भोपाल, यशभारत। राजधानी के प्रतिष्ठित हमीदिया अस्पताल परिसर में बुधवार उस समय सनसनी फैल गई, जब मर्चुरी के पास स्थित एक पुरानी पानी की टंकी (जिसे डस्टबिन के रूप में उपयोग किया जा रहा था) में दो नवजात बच्चों के अधजले शव मिले। अस्पताल प्रबंधन द्वारा कचरे को अवैध रूप से जलाए जाने के बाद यह हृदय विदारक मामला सामने आया। सूचना मिलते ही कोहेफिजा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।

आग बुझाने पर सामने आई भयावह सच्चाई
मिली जानकारी के अनुसार, मर्चुरी के पास खाली मैदान में अक्सर मरीजों के परिजन और सफाई कर्मचारी कचरा फेंकते थे, जिसे प्रबंधन विधिवत निष्पादन की बजाय वहीं जला देता था। बुधवार तड़के इस कचरे में तेज आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा। आग शांत होने के बाद जब डस्टबिन को खंगाला गया, तो उसमें एक नहीं, बल्कि दो नवजात बच्चों के अधजले शव बरामद हुए।
पन्नी में लपेटकर फेंका गया था शव
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों नवजात बच्चों के शव पन्नी (पॉलीथीन) में लपेटे गए थे, जिसकी जली हुई परतें शवों पर चिपकी मिलीं। एक नवजात का शरीर करीब 30 फीसदी तक जला हुआ था। पुलिस ने अनुमान जताया है कि बच्चों को फेंकने के बाद कचरे के साथ जलाया गया होगा। शव अत्यधिक जलने के कारण बच्चों के लिंग की पहचान भी नहीं हो पाई है।
डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू
कोहेफिजा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दोनों नवजातों के डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बच्चों की मृत्यु जन्म के बाद हुई थी या उन्हें जीवित अवस्था में जलाया गया था। इस जघन्य घटना ने अस्पताल प्रबंधन के कचरा निष्पादन के तरीकों और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इनका कहना है…
हमने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। डीएनए जांच और पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये नवजात अस्पताल में पैदा हुए थे या बाहर से लाकर फेंके गए थे।
कोहेफिजा थाना प्रभारी – केजी शुक्ला







