भोपाल

साइबर स्लेवरी का बढ़ता खतरा – भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने जारी की एडवायजरी – झूठे जॉब ऑफर बन रहे युवाओं को ‘डिजिटल बंधुआ मजदूरी’ में धकेलने का हथियार

साइबर स्लेवरी का बढ़ता खतरा – भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने जारी की एडवायजरी
– झूठे जॉब ऑफर बन रहे युवाओं को ‘डिजिटल बंधुआ मजदूरी’ में धकेलने का हथियार
यशभारत भोपाल। साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल ने साइबर स्लेवरी के खतरे को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है। बढ़ते ऑनलाइन जॉब फ्रॉड और विदेशी नौकरियों के नाम पर हो रहे मानव तस्करी जैसे अपराधों के बीच यह एडवायजरी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह घोटाला आधुनिक मानव तस्करी और साइबर अपराध का संयुक्त रूप है, जिसमें लोगों को डिजिटल कैद में धकेला जा रहा है।
क्या है साइबर स्लेवरी?
साइबर क्राइम ब्रांच के अनुसार, यह अपराध संगठित गिरोहों द्वारा चलाया जाता है। सबसे पहले युवाओं को सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उच्च वेतन वाली नौकरी का लालच दिया जाता है।
इसके बाद उन्हें देश के अन्य राज्यों या विदेश ले जाया जाता है, वहां पासपोर्ट और फोन छीनकर कैद कर लिया जाता है, ऑनलाइन धोखाधड़ी, स्कैम, डेटिंग फ्रॉड, निवेश धोखाधड़ी जैसे अपराध करने पर मजबूर किया जाता है। मना करने पर पीडि़तों को धमकाया जाता है, शारीरिक हिंसा की जाती है या उन्हें आर्थिक रूप से ब्लैकमेल किया जाता है। कई मामलों में पीड़ित महीनों तक कैद में रहने को मजबूर हो जाते हैं।
आम जनता के लिए चेतावनी
– सोशल मीडिया जॉब ऑफर की जांच करें किसी भी अनजान लिंक या ऑफर पर तुरंत विश्वास न करें।
– कंपनी की वैधता परखें वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन, मोबाइल नंबर और दफ्तर का पता अवश्य जांचें।
– विदेशी नौकरी के नाम पर धोखा किसी भी विदेशी ऑफर की पुष्टि दूतावास या सरकारी पोर्टल से ही करें।
– एजेंटों से सावधान अनधिकृत एजेंट या फर्जी प्लेसमेंट एजेंसियाँ इस स्कैम का बड़ा हिस्सा हैं।
– व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें पासपोर्ट, आधार, बैंक विवरण किसी भी संदिग्ध संस्था को न भेजें।
– संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट करें कोई भी फर्जी ऑफर नजर आए तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को जानकारी दें।
पुलिस की अपील जागरूक रहें, सुरक्षित रहें
एडवायजरी के अनुसार, साइबर स्लेवरी से बचने का सबसे बड़ा उपाय है सतर्कता और जागरूकता। पुलिस ने कहा है कि लोग किसी भी आकर्षक नौकरी को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी जांच करें और दूसरों को भी जागरूक करें।

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