देश

धड़कनें बढ़ी : भाजपा की जिला कार्यकारिणी का ऐलान जल्द, चार जिलों की हुई घोषणा, कटनी का नंबर दो तीन दिन में

भोपाल में कटनी के विधायकों और जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में फाइनल होंगे नाम, उल्टी गिनती शुरू

Screenshot 20250901 135402 Drive2

कटनी ( आशीष सोनी )। कटनी के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। पार्टी ने हरदा और देवास समेत चार जिलों के जिला पदाधिकारियों की घोषणा के साथ जिला कार्यकारिणियों के ऐलान का सिलसिला शुरू कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि जबलपुर संभाग के जिलों पर एक दो दिन में चर्चा शुरू हो जाएगी और संभवतः अनंत चतुर्दशी के पहले कटनी जिला कार्यकारिणी के नाम भी सामने आ जाएंगे। इस सूचना पर दावेदारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। वरिष्ठ नेताओं के साथ अपने आकाओं से संपर्क एक बार फिर तेज कर दिया गया है, हालांकि सभी जानते हैं कि पार्टी में कार्य के मूल्यांकन के आधार पर पद मिलते हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार जिला संगठन में नए लोगों को स्थान मिलेगा।

images 45 31

जानकारी के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति के बाद कल पार्टी ने देवास, हरदा, मऊगंज और सागर ग्रामीण की जिला कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया। इन जिलों की भोपाल में हुई बैठक में नामों पर सहमति बन जाने के बाद संबंधित जिलों के अध्यक्षों द्वारा सूची जारी कर दी गई। जिले की टीम के गठन को लेकर अब तक परंपरा रही है कि जिलाध्यक्ष की अनुशंसा को अहमियत देकर उसी लिस्ट पर भोपाल में मुहर लगा दी जाती थी, लेकिन प्रदेश के तमाम जिलों से मिली शिकवा शिकायतों के बाद पार्टी ने पूरा सिस्टम बदल दिया। प्रदेश के हर जिले में दो दो पर्यवेक्षक भेजे गए और उन्होंने जिलों में पहुंचकर प्रमुख नेताओं से रायशुमारी की। कटनी में रमेश भटेरे और सुजीत जैन ने पहुंचकर नेताओं से प्रपत्र में भरवाकर नाम लिए। करीब 15 नेताओं को रायशुमारी का हिस्सा बनने की पात्रता मिली, इनमें सांसद, क्षेत्र के चारों विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व जिलाध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, महापौर और पूर्व महापौर शामिल रहे। इन नेताओं ने जिला कार्यकारिणी, एल्डरमैन और जनभागीदारी समिति के लिए अपनी पसंद के नाम प्रपत्र में भरकर दिए। पर्यवेक्षकों ने नामों के लिफाफे भोपाल जाकर प्रदेश संगठन को सौंप दिए। इस सिस्टम में विधायकों और जिले के अन्य नेताओं की यह शिकायत काफी हद तक खत्म करने की कोशिश की गई है जिनमें उनका कहना होता था कि संगठन में उनकी राय को तवज्जो नहीं दी जाती।

बीएल संतोष पहुंचे भोपाल, तेज हुई गतिविधियां

जानकारी के मुताबिक कल राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी राजधानी भोपाल पहुंचे। उन्होंने सांगठनिक नियुक्तियों की समीक्षा की। इसके बाद देर शाम चार जिलों की लिस्ट जारी हो गई। सूत्र बताते हैं कि कटनी का नंबर भी दो तीन दिन में आने वाला है। इसके लिए चारों विधायकों, सांसद, जिलाध्यक्ष और दोनों पर्यवेक्षकों को भोपाल बुला लिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की मौजूदगी में एक एक नाम पर चर्चा होगी। रायशुमारी में भोपाल पहुंचे करीब डेढ़ सौ नामों में से 20 नामों का चयन होना है। इस मशक्कत के बाद कटनी की जिला कार्यकारिणी का ऐलान हो जायेगा। संभावना व्यक्त की जा रही है कि यह काम 5 सितम्बर के आसपास निपटा लिया जाएगा।

कहीं 17 तो कहीं 24 पदाधिकारियों की घोषणा

जिन जिलों में कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया गया हैं उनमें कहीं 17 तो कहीं 26 पदाधिकारियों तक के नाम शामिल हैं। हरदा में सबसे कम 17 तो मऊगंज जिले में 26 की सूची जारी हुई है, जहां कोषाध्यक्ष के साथ सह कोषाध्यक्ष, कार्यालय मंत्री के साथ सह कार्यालय मंत्री और जिला मीडिया प्रभारी के साथ सह जिला मीडिया प्रभारी की भी नियुक्ति कर दी गई है। इनके अलावा सोशल मीडिया और आईटी सेल जिला संयोजकों की नियुक्ति भी लगे हाथ कर दी गई है। कार्यकारिणी में 8 उपाध्यक्ष, 3 जिला महामंत्री और 8 मंत्री बनने हैं, जिनके लिए दावेदार सक्रिय हैं। सूत्र बताते हैं कि कटनी में जिला महामंत्री पद के लिए सर्वाधिक खींचतान है। लाजिमी है संगठन चलाने के लिए जिलाध्यक्ष अपनी पसंद का महामंत्री बनाना चाहेंगे, लेकिन विधायकों का भी सीधा दबाव है कि यह खास पद उनके विधानसभा क्षेत्र के किसी नेता को मिलना चाहिए। अब तक बहोरीबंद और विजयराघवगढ़ क्षेत्र से जिला महामंत्री का कोटा भरता रहा है। इस बार इन दो विधानसभा क्षेत्रों के साथ मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र के किसी नेता को भी महामंत्री बनाया जा सकता है। इस पद के लिए कटनी शहर से कोई आश्चर्यजनक नाम भी आ जाए तो हैरत नहीं। बड़वारा की पृष्ठभूमि से जुड़े एक नेता को भी जिम्मेदारी मिल सकती है। उपाध्यक्ष में उन नेताओं को एडजस्ट किया जाएगा जो सीनियर हैं, महामंत्री बनने से चूकेंगे अथवा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। जिला कार्यकारिणी में महिलाओं के साथ पिछड़ा वर्ग, एसटी और एससी का संतुलन भी रखना है। कुल मिलाकर दो तीन दिन बाद आने वाली कटनी भाजपा की नई टीम नई ही होगी, या पुराने नामों की नई टीम होगी, यह देखने लायक होगा, क्योंकि अब तक जो नेता जिला संगठन को चला रहे थे, वे भी चाहेंगे कि उनका पद बरकरार रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button