डंपसाइटों के सुधार श्रेणी में भोपाल को मिले शून्य प्रतिशत – जगह जगह डंप हो रहा कचरा लोगों के लिए परेशानी, इसलिए कटे नंबर

डंपसाइटों के सुधार श्रेणी में भोपाल को मिले शून्य प्रतिशत
– जगह जगह डंप हो रहा कचरा लोगों के लिए परेशानी, इसलिए कटे नंबर
भोपाल यशभारत। स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल को देश का दूसरा सबसे साफ शहर घोषित किया गया है। भोपाल ने इस बार तीन स्थान छलांग लगाते हुए दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में दूसरा स्थाना हासिल किया है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा दिया गया। भोपाल अहमदाबाद से 12 अंक पीछे रहकर शीर्ष स्थान से चूक गया। 12 अंक पीछे छूटने के पीछे का कारण जानने के लिए यशभारत ने शहर के कुछ इलाकों का दौरा किया तो चौंकाने वाले नजारे सामने आए हैं। दरअसल शहर में तैनात सफाई अमला जगह-जगह जमा कचरे को साफ करने में सक्रियता नहीं दिखा सका है। जिस जगह पर कचरा जमा है वहां पर तीन दिन से भी अधिक समय बीतने के बाद कचरा साफ नहीं हुआ है। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि शहर के उन इलाकों की तस्वीर पेश की जा रही है जो वीआईपी इलाके माने जाते हैं, लेकिन घनी बस्ती वाले क्षेत्रों में हालात दयनीय नजर आ रही है। हाल ही में जारी सूची के मुताबिक भोपाल को कचरा मुक्त शहर में पूरे 1300 अंक और खुले में शौच मुक्त में पूरे 1200 अंक मिले, जबकि जमीनी सर्वेक्षण में 10000 में से 9567 अंक मिले। इसने जमीनी स्तर के सर्वेक्षण में 95.67प्रतिशत अंक प्राप्त किए और डंप साइट सुधार डंपसाइटों का सुधार के लिए 0 प्रतिशत प्राप्त किया।
कहां क्या है स्थित
स्थित एक
प्रभात पेट्रोल पंप चौराहे के पास स्थित पदभनाम नगर में कचरा तीन दिन से साफ नहीं हो सका है। यहां पर नगर पालिका का सफाई अमला पहुंचा जरूर था, लेकिन आधा अधूरा काम ही किया जा सका। काफी मात्रा में कचरा उठाया ही नहीं गया है। यहां फैला कचरा अब रोड पर आ गया है। जिसके चलते आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कचरा इतना अधिक है कि लोगों की दुकानों और घरों के अंदर भी हवा के कारण अंदर आ रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार कचरा साफ करने वाले लोग आते ही नहीं हैं। यही स्थिति प्रभात चौराहे से सटे इलाकों की है।
स्थित दो
निशातपुरा रोड पर कचरा इतना अधिक फैला हुआ है यहां मवेशियों का झुंड लगा हुआ है। भीड़ वाले इलाके के कारण लोगों की आवाजाही दिन भर बनी रहती है। बरसात के दौरान यहां कचरा रोड पर फैला रहता है। लोगों क कहना है कि निशातपुरा रोड पर जिस जगह पर कचरा डंप किया जा रहा है वहां पर नपा का अमला ध्यान ही नहीं दे रहा है। काफी अधिक मात्रा में कचरा फैला हुआ है धीरे धीरे यह दायरा बढ़ता जा रहा है।
अच्छे अंक मिलने के बाद भी पिछड़ा
उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के बावजूद, भेपाल नगर निगम कचरा स्थलों के सुधार और पृथककरण में पिछड़ गया है। घ्ज्ञक्र घर कचरा संग्रहण, अपशिष्ट प्रसंस्कारण, आवासीय और व्यावसायिक स्वच्छता, झीलों के रखरखाव और सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पुरस्कार मिला है। भोपाल शहर में होने वाले कचरे का कलक्षन और उसका निपटरा करने का दावा किया गया है। भोपाल में हर दिन 517 डीटीडीएस व्हीकल
भोपाल में कचरे का कलेक्शन और उसका निपटारा
– भोपाल शहर में होने वाले कचरे का कलेक्शन और फिर उसका निपटारा करने का प्रबंध किया गया है।
– 517 डीटीडीसी व्हीकल, 719 सीएनजी व्हीकल और 202 रोड स्वीपिंग व्हीकल तैनात हैं।
– शहर भर का गीला सूखा कचरा समेटकर उसे कचरा निष्पादन केन्द्र तक पहुंचाते है।
– कलेक्शन मैकेनिज्म के साथ समानांतर रूप से वेस्ट प्रोसेसिंग का इंतजाम किया गया है।
कचरे की मात्रा का किया जा रहा आंकलन
भोपाल में हर दिन उत्सर्जित कचरे के प्रकारों और उसकी मात्रा का पहले आंकलन किया जाता है। 250 नए सीएनजी डोर टू डोर वाहन, 6 मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग वाहन जैसे इंतजाम इसी साल से किए गए। जिससे डोर टू डोर कचरा कलेक्शन 100 प्रतिशत हो सके।
भोपाल को 7 स्टार रैकिंग भी मिली
कचरा मुक्त शहरों की श्रेणी में भोपाल को 7 स्टार रैंकिंग भी मिली है। रीड्यूज, रियूज, रिसायकल थीम पर हुए स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण में निर्धारित 10 हजार अंकों में से 9567 अंक और सर्टिफिकेशन के लिए निर्धारित 2500 अंकों में से पूरे अंक प्राप्त किए। इस प्रकार 12500 अंकों में से भोपाल शहर ने 12 हजार 067 अंक अर्जित करते हुए 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में दूसरा और प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
कचरा साफ किया जाएगा
शहर में साफ सफाई के लिए अमला तैनात किया गया है, जिन जगहों पर कचरा डंप हो रहा है वहां से कचरा साफ कराया जाएगा। इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अगले सर्वेक्षण में और बेहतर प्रदर्शन किया जाएगा।
– मालती राय, महापौर, नगर निगम भोपाल







